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    Himachal Vidhan Sabha: हिमाचल का चौथा बड़ा मानसून सत्र आज से, वित्तीय संकट सहित इन 5 मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

    Updated: Mon, 18 Aug 2025 11:19 AM (IST)

    Himachal Assembly Monsoon Session हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। विपक्ष वित्तीय संकट नशा तस्करी बेरोजगारी और कानून-व्यवस् ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शिमला स्थित परिसर।
    हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शिमला स्थित परिसर।

    HighLights

    1. प्राकृतिक आपदाओं और प्रभावित परिवारों को राहत का मुद्दा प्रमुखता में
    2. राज्य सरकार करेगी उपलब्धियों का बखान
    3. केंद्र सरकार की उपेक्षा पर भी करेगी पलटवार

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, इसमें मुद्दों की बौछार रहेगी। जिसमें प्राकृतिक आपदाओं और प्रभावित परिवारों को राहत का मुद्दा प्रमुखता में रहेगा। सत्र में विपक्ष सरकार को वित्तीय संकट, नशा तस्करी, बेरोजगारी, अवैध खनन और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर रहा है। वहीं, कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का बखान करेगी और केंद्र सरकार की उपेक्षा पर पलटवार करेगी।

    सदन में उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों में प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान, प्रभावित परिवारों का पुनर्वास, आपदा प्रबंधन के प्रयास, स्कूलों का विलय, सड़कों और पुलों का निर्माण, विभागों में रिक्त पदों की पूर्ति, युवाओं में नशे की समस्या और कर्मचारियों के बकाया भुगतान शामिल हैं। इस सत्र की शुरुआत से पहले सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सामंजस्य बनाने के लिए एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी।

    विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने इस बैठक की जानकारी दी, जिसमें संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया और भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक सुखराम चौधरी को आमंत्रित किया गया है। 

    पठानिया ने कहा कि सत्र का समय जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा के लिए होना चाहिए। आम जनता की अपेक्षा है कि चुने हुए प्रतिनिधि उनकी समस्याओं का समाधान करें। अब तक विधानसभा सचिवालय को कुल 981 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें 793 तारांकित और 188 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं।

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    चौथा बड़ा मानसून सत्र

    इस बार का मानसून सत्र विशेष होगा, जो 18 अगस्त (सोमवार) को दोपहर दो बजे शुरू होगा और दो सितंबर तक चलेगा। यह 14वीं विधानसभा का नवम सत्र है, जिसमें 12 बैठकें आयोजित की जाएंगी। विधानसभा के इतिहास में यह चौथा बड़ा मानसून सत्र है। वर्ष 1962 में प्रथम विधानसभा की 13 बैठकें, वर्ष 1968 द्वितीय विधानसभा की 15 बैठकें तथा वर्ष 2009 में 11वीं विधानसभा में मानसून सत्र की 17 बैठकें आयोजित की गई थी।

    पहले दिन शोकोदगार

    सत्र के पहले दिन जिला ऊना के चिंतपूर्णी से पूर्व विधायक गणेश दत्त भरवाल के प्रति शोकोदगार प्रस्तुत किए जाएंगे। इस अवसर पर सदन के नेता, उप नेता और अन्य सदस्य श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

    900 जवान सुरक्षा में

    मानसून सत्र के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है। 900 से अधिक जवान सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे। रविवार को विधानसभा के आसपास सुरक्षा का कड़ा पहरा देखा गया। पुलिस विभाग ड्रोन कैमरों के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करेगा।

    गूंजेगा भारी बरसात से हुए नुकसान का मसला

    विधायक चंद्र शेखर, केवल सिंह पठानिया, सुरेश कुमार और नीरज नैय्यर सोमवार को नियम 130 के अंतर्गत प्रदेश में भारी बरसात से हुए जानमाल और संपत्तियों के नुकसान का मुद्दा उठाएंगे। इसके साथ ही विधायक जीत राम कटवाल प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक सुदृढ़ और कारगर नीति तैयार करने का मामला उठाएंगे।

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