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    Himachal News: जयराम ठाकुर का कांग्रेस पर निशाना, बोले- झूठी गारंटियां देकर सत्ता हथियाना होता है वोटों की चोरी

    Updated: Sun, 10 Aug 2025 06:38 PM (IST)

    Himachal Pradesh Politics News नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पर वोट चोरी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने झूठी गारंटियां देकर सत ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर।
    हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर।

    HighLights

    1. जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पर वोट चोरी का आरोप लगाया |
    2. कांग्रेस ने झूठी गारंटियों से सत्ता हथियाई |
    3. रोजगार देने की जगह पद खत्म कर दिए ठाकुर |

    जागरण संवाददाता, शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि झूठी गारंटियां देकर सत्ता हथियाना, झूठी वादे करके लोगों का वोट ले लेना और सरकार बनने के बाद अपनी गारंटियों से साफ मुकर जाना वोटों की चोरी होती है, जनादेश हथियाना होता है और कांग्रेस इसमें मास्टर है।

    हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के वोट चोरी का ज्वलंत उदाहरण है। जहां विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने खुलेआम आकर 10 गारंटियां दी। उसके बाद देश भर से कांग्रेस के प्रवक्ताओं की फौज और हिमाचल के छोटे-बड़े नेता गली चौराहे पर जाकर चीखते रहे और पहली कैबिनेट में ही से गारंटियों को लागू करने की कसमें खाते रहे।

    नेताओं के गारंटियों को लेकर दिए गए बयान सुनकर आज हंसी आती है। गारंटियों को पूरा न करने के उनके आज के तर्क और बयान सुनकर तरस आता है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाला व्यक्ति इतना बड़ा झूठ कैसे बोल सकता है।

    जयराम ठाकुर ने कहा कि जिन गारंटियों के नामपर कांग्रेस हिमाचल में सत्ता में आई थी, ढाई साल में सुक्खू सरकार ने उन सभी गारंटियों के उलट ही काम किया। 5 लाख युवाओं को रोजगार, पहली कैबिनेट में 1 लाख नौकरी जैसे लोक लुभावन वादे करने वाली पार्टी जब सरकार में आती है तो डेढ़ लाख से ज्यादा पद खत्म कर देती है, 15000 से ज्यादा लोगों को नौकरी से निकाल देती है।

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    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिन गारंटियों के नाम पर कांग्रेस सत्ता में आई थी आज उनके नाम से भी भागती है। कांग्रेस के नेता, मुख्यमंत्री और मंत्री कई दफा अपनी ही गारंटियों से मुंह मोड़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने तो सदन के भीतर ही कह दिया था कि हमने एक लाख सरकारी रोजगार पहली कैबिनेट में देने का कोई वादा ही नहीं किया था।

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    इसके अलावा कांग्रेस का चुनावी घोषणा पत्र तो सुख की सरकार ने सत्ता में आने के बाद से कभी पलट कर भी नहीं देखा। इस तरीके के झूठे वादे करना जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात है उनके वोट की साथ चोरी है। जनादेश को हथियाना है। लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान करना है। दुर्भाग्य से भारत के इतिहास की सबसे पुरानी पार्टी वोटों की चोरी में सिद्धहस्त है। हिमाचल प्रदेश के लोगों को 10 झूठी गारंटियां देकर उनके वोट चोरी करने के लिए कांग्रेस को हिमाचल प्रदेश के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।

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