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    मंडी, कुल्लू व किन्नौर में भारी बारिश से हुए नुकसान की CM सुक्खू ने की समीक्षा, अधिकारियों को दिए ये निर्देश

    Updated: Sun, 17 Aug 2025 05:03 PM (IST)

    Himachal Pradesh Disaster मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंडी कुल्लू और किन्नौर में भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परि ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारी बारिश से हुए नुकसान की समीक्षा की।
    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारी बारिश से हुए नुकसान की समीक्षा की।

    HighLights

    1. सीएम सुक्खू ने मंडी, कुल्लू, किन्नौर में नुकसान का जायजा |
    2. बारिश से हिमाचल में 2144 करोड़ रुपये का नुकसान |
    3. प्रदेश में अब तक 262 लोगों की मौत हुई |

    राज्य ब्यूरो, शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को जिला मंडी, कुल्लू और किन्नौर में लगातार भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित जिलाें के उपायुक्तों से व्यक्तिगत रूप से बात कर क्षति की विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। मानसून के दौरान प्रदेश के सभी जिले प्रभावित हुए हैं, लेकिन मंडी, कुल्लू और किन्नौर में लगातार बादल फटने और भारी वर्षा के कारण जानमाल का बहुत अधिक नुकसान हुआ है।

    मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अवरुद्ध सड़कों की बहाली एवं राहत कार्य में तेजी लाने को भी कहा। उन्होंने लोगों से नदियों और नालों से दूर रहने और समय-समय पर जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस कठिन समय में प्रदेश सरकार पूरे संकल्प के साथ लोगों के साथ खड़ी है।

    नुकसान का आकलन पहुंचा 2144 करोड़

    हिमाचल प्रदेश में बरसात के दौरान 20 जून से लेकर अभी तक 2144 करोड़ के नुकसान का आकलन किया जा चुका है। अब तक 262 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें से 125 लोग सड़क हादसों के कारण मौत का शिकार बने हैं। वर्षा भूस्खलन, डूबने आदि के कारण 136 लोगों की मौत हुई है।

    प्रदेश में बादल फटने की अभी 36, अचानक बाढ़ की 74 और भूस्खलन की 61 घटनाएं हुई हैं। प्रदेश में 566 मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और 1819 मकानों 360 दुकानों और 2174 गौशालाओं को नुकसान हुआ है।

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