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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हिमाचल: पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने पालमपुर में तीन चुनाव में हार पर दे दिया पार्टी को बड़ा संदेश

By Jagran News Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 06 Nov 2025 01:14 PM (IST)Updated: Thu, 06 Nov 2025 02:34 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के हालिया बयान से भाजपा में चर्चा है। उन्होंने कहा कि वह हार ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. शांता कुमार का चुनाव लड़ने का इच्छा

  2. पालमपुर में भाजपा की हार पर चिंता

  3. 2027 का चुनाव अंतिम हो सकता है

दिनेश कटोच, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार के हालिया बयान ने पार्टी में चर्चा का माहौल बना दिया है। उन्होंने कहा कि वह हार के बाद ईश्वर के पास नहीं जाना चाहते। यह विचार उन्हें अपनी जन्मतिथि 12 सितंबर को आया, जिसे उन्होंने मंगलवार को 'आत्मनिर्भर भारत, हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी' कार्यक्रम में दोहराया। 

91 वर्षीय शांता कुमार ने पालमपुर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी को लगातार तीन बार मिली हार का संदर्भ लेते हुए वस्तुत: सवाल भी उठाया है कि ऐसा क्यों हो रहा है।

2027 में हो सकता है मेरे जीवन का अंतिम चुनाव

उन्होंने कहा, "2027 का चुनाव मेरे जीवन का अंतिम चुनाव हो सकता है। इसलिए मैं चाहता हूं कि भाजपा पालमपुर और हिमाचल प्रदेश में जीत हासिल करे, उसके बाद ही मैं ईश्वर के चरणों में जाऊं।" 

यह इच्छा पार्टी के लिए विचार का विषय बनी

उम्र के इस पड़ाव में वह स्वयं चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन उनकी यह इच्छा पार्टी के लिए विचार का विषय बन सकती है।

2007 के बाद पालमपुर में नहीं जीती भाजपा

शांता कुमार 1990 में पालमपुर से विधायक बने थे। उनके राजनीतिक शिष्य प्रवीण शर्मा 2007 में भाजपा के विधायक बने, लेकिन इसके बाद पालमपुर की राजनीति में कांग्रेस के बुटेल परिवार का दबदबा रहा। 2012 में बृज बिहारी लाल बुटेल, 2017 और 2022 में उनके बेटे आशीष बुटेल ने जीत हासिल की। भाजपा तीनों चुनावों में हार गई।

प्रवीण, इंदु और त्रिलोक कपूर नहीं हुए सफल

भाजपा ने जीत के लिए प्रत्याशी भी बदले, लेकिन परिणाम पक्ष में नहीं रहा। 2012 में प्रवीण शर्मा के बाद 2017 में बैजनाथ से संबद्ध इंदु गोस्वामी और 2022 में उसी क्षेत्र से संबद्ध त्रिलोक कपूर को प्रत्याशी बनाया गया, लेकिन दोनों सफल नहीं हुए। 

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जयराम ठाकुर ने किया था विमर्श

हाल ही में, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शांता कुमार से उनके निवास यामिनी पालमपुर में मुलाकात की, जहां उन्होंने प्रदेश विशेषकर पालमपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की जीत के लिए विमर्श किया। पालमपुर में 1989 में श्रीराम मंदिर निर्माण का प्रस्ताव पारित हुआ था, जो भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण घटना थी।

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