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    'हिमाचल संवैधानिक संकट की ओर बढ़ रहा, सरकार के भीतर भारी गुटबाजी और घमासान', मंत्रियों की बयानबाजी पर भाजपा हमलावर

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sat, 17 Jan 2026 12:59 PM (IST)

    भाजपा प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने सुक्खू सरकार पर हिमाचल में संवैधानिक संकट पैदा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में ...और पढ़ें

    बिलासपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हिमाचल भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा व अन्य। जागरण

    बिलासपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हिमाचल भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा व अन्य। जागरण

    HighLights

    1. सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संवैधानिक संस्थाओं का अनादर कर रही।

    2. मंत्रियों की बयानबाजी और बेलगाम अफसरशाही से स्थिति गंभीर।

    3. चुनाव टालने के लिए डिजास्टर एक्ट का दुरुपयोग अलोकतांत्रिक।

    जागरण संवाददाता, बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को बिलासपुर में पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कार्यप्रणाली के कारण हिमाचल प्रदेश में संवैधानिक संकट खड़ा हो गया है। सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में बाधा डाल रही है और संवैधानिक संस्थाओं की अवमानना कर रही है।

    बेलगाम अफसरशाही और मंत्री की बयानबाजी सही नहीं

    लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह द्वारा आईएएस कैडर को लेकर दी गई टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए शर्मा ने इसे 'असंवैधानिक' करार दिया। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री के बाद अब कैबिनेट मंत्री भी अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से निशाना बना रहे हैं।

    "सरकार के भीतर भारी गुटबाजी और घमासान मचा है। ऐसा प्रतीत होता है कि या तो मंत्री अधिकारियों से काम लेने में सक्षम नहीं हैं, या फिर प्रदेश की अफसरशाही पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है। इस पूरे प्रकरण पर उपमुख्यमंत्री की चुप्पी सरकार की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करती है।"

    चुनाव टालने के लिए डिजास्टर एक्ट का दुरुपयोग

    रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार चुनाव आयोग के कार्यों में सीधा हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने कहा, "सरकार ने न तो समय पर रोस्टर जारी होने दिया और न ही मतदाता सूचियों का प्रकाशन सुनिश्चित किया। अंततः चुनाव टालने के लिए डिजास्टर एक्ट का सहारा लिया गया, जो पूरी तरह अलोकतांत्रिक है।"

    उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि 30 अप्रैल से पहले चुनाव कराने के उच्च न्यायालय के आदेशों पर मुख्यमंत्री की टिप्पणी न्यायपालिका की गरिमा के खिलाफ थी। कोर्ट के आदेश आए 10 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन सरकार ने अभी तक चुनाव प्रक्रिया शुरू करने की जहमत नहीं उठाई है।

    जनता पर पड़ रही दोहरी मार

    भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मंत्रियों और अधिकारियों के बीच जारी इस वर्चस्व की लड़ाई में प्रदेश की जनता पिस रही है। विकास कार्य ठप पड़े हैं और शासन व्यवस्था चरमरा गई है। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब का हवाला देते हुए कहा कि हिमाचल के बाद अब पंजाब में भी आम आदमी पार्टी की सरकार मीडिया की आवाज दबाने और पत्रकारों को परेशान करने का काम कर रही है।

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