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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    हिमाचल में क्यों आ रही प्राकृतिक आपदा, सरकार ने ये 14 विभाग ठहराए जिम्मेदार; सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद देंगे जवाब

    Updated: Thu, 07 Aug 2025 11:45 AM (IST)

    Himachal Pradesh News हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा और बाढ़ की स्थिति क्यों पैदा हो रही है इस पर प्रदेश सरकार के 14 विभाग सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट ...और पढ़ें

    जिला मंडी में आई बाढ़ के कारण घरों के पास से गुजरती नदी।
    जिला मंडी में आई बाढ़ के कारण घरों के पास से गुजरती नदी।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा और बाढ़ की स्थिति क्यों पैदा हो रही है, इस संबंध में प्रदेश सरकार के 14 विभाग अपने-अपने स्तर पर रिपोर्ट (रिस्पांस नोट) सुप्रीम कोर्ट में देंगे। सरकार ने इन विभागों को आपदा के लिए जिम्मेदार ठहराया है। हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने विभागों को रिस्पांस नोट तैयार कर पेश करने के लिए कहा गया है।

    सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आ रही आपदाओं के लिए लोगों को जिम्मेदार बताया था। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की थी कि यदि ऐसा ही रहा तो हिमाचल प्रदेश का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई में सरकार के महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों को पेश होना होगा।

    25 अगस्त से पहले जवाब देगी प्रदेश सरकार

    इस मामले में 25 अगस्त से पहले सुप्रीम कोर्ट में प्रदेश सरकार की ओर से जवाब दिया जाना है। मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद सभी विभागीय सचिवों ने रिस्पांस नोट तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। इस संबंध में प्रतिदिन अधिकारियों की ओर से मुख्य सचिव को जानकारी देनी होगी।

    इन 14 विभागों को देना होगा जवाब

    प्राकृतिक आपदा की स्थिति पैदा होने के पीछे प्रदेश सरकार के 14 विभागों को जिम्मेदार ठहराया गया है। इनमें राजस्व, उद्योग, नगर ग्राम एवं नियोजन, शहरी विकास, पर्यटन, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, जल शक्ति, कृषि-बागवानी, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पर्यावरण एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी, आधारभूत ढांचागत विकास बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शामिल हैं।

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    199 लोगों की हो चुकी है मौत 

    बरसात के दौरान हिमाचल प्रदेश में अब तक 199 लोगों की मौत हो चुकी हैं। 108 मौतें बाढ़, भूस्खलन व बादल फटने के कारण हुई हैं व 91 लोगों ने बरसात के कारण हुई सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाई है। डंगे गिरने, सड़कें टूटने व वाहनों पर पत्थर गिरने से ये हादसे हुए हैं। इसके अलावा 1905 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। 

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    मुख्यमंत्री की अपील, सतर्कता बरत सुरक्षित स्थानों पर रहें लोग

    उधर, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल में हो रही लगातार बारिश पर चिंता जताई है। दिल्ली से इस संबंध में अधिकारियों से फीडबैक लेकर दिशानिर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर इस चुनौतीपूर्ण समय का सामना करेंगे। किसी भी तरह के हालात से निपटने के लिए जिला प्रशासन और राहत टीमें सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने लोगों से आग्रह किया कि वह सतर्कता बरतने के अलावा सुरक्षित स्थानों पर रहें।

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