हिमाचल में वाहन लाइसेंस से लेकर RC व परमिट के लिए अब नहीं लगेंगे दफ्तर के चक्कर, ऑनलाइन मिलेगी सुविधा
हिमाचल परिवहन विभाग अब ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, परमिट और फिटनेस सहित सभी वाहन संबंधी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराएगा। इससे आरटीओ कार्यालयों के चक् ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में परिवहन विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री। सौ. डीपीआर
HighLights
ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी सहित सभी सेवाएं ऑनलाइन होंगी।
आरटीओ, एमवीआई की शक्तियां होंगी कम, पारदर्शिता बढ़ेगी।
मार्च तक पूरी तरह लागू होगी ऑनलाइन सेवा प्रणाली।
राज्य ब्यूरो, शिमला। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने से लेकर वाहन की पासिंग, वाहन पंजीकरण, टैक्स की अदायगी, फिटनेस जैसे कार्यों के लिए अब आरटीओ कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। हिमाचल परिवहन विभाग की वेबसाइट पर यह सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध होगी। टैक्सी परमिट, गुड्स कैरियर, नेशनल परमिट, कान्ट्रेक्ट कैरिज, टूरिस्ट परमिट भी आनलाइन मिलेंगे।
दूरदराज के क्षेत्रों के लिए विभाग मोबाइल फिटनेस एप भी तैयार होगी। ऑनलाइन आवेदन के बाद इसकी मंजूरी तय समय के भीतर मिल जाएगी। इसके लिए विभाग ने मार्च महीने तक की डेडलाइन तय की है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पर काम शुरू कर दिया गया है।
आरटीओ, एमवीआई और एसडीएम की शक्तियां की जा रही कम
ऑनलाइन आवेदन करने के बाद मोबाइल पर मैसेज आएगा कि फाइल अप्रूव हो गई है। उन्होंने कहा कि आरटीओ, एमवीआई और एसडीएम की शक्तियों को कम किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऑटोमेटिड टेस्टिंग स्टेशन निजी क्षेत्र में बिलासपुर, रानीताल, कांगू, नालागढ़ व पांवटा में तैयार किए जा रहे हैं जबकि सरकारी क्षेत्र में हरोली, नादौन व बद्दी में यह सेंटर बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन के क्षेत्र में 1,061 स्टेज कैरिज बस रूट निजी क्षेत्र को स्वीकृत किए गए हैं तथा 39,000 से अधिक टैक्सी/मैक्सी परमिट जारी किए गए हैं। 1000 ई टैक्सी व 390 बस रूट भी आबंटित किए जा रहे हैं। इनकी खरीद पर अनुदान दिया जा रहा है।
नीति आयोग के इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हिमाचल
परिवहन विभाग ने 2,597.59 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। पिछली सरकार की अवधि की तुलना में 73 प्रतिशत अधिक है। राजस्व अर्जित करने में आबकारी विभाग के बाद प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। नीति आयोग के इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स में हिमाचल को अग्रणी राज्यों में शामिल किया है। सोलन के बनलगी और हमीरपुर के नादौन में दो पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां अब तक 1,692 पुराने वाहनों को वैज्ञानिक तरीके से स्क्रैप किया जा चुका है।
उन्होंने विभाग की एम फिटनेस ऐप का भी शुभारंभ किया। यह ऐप डिजिटल फिटनेस निरीक्षण, फोटो और जीपीएस साक्ष्य, फर्जी प्रमाण-पत्रों की रोकथाम, कागज-रहित प्रक्रिया तथा रियल-टाइम डेटा समन्वयन को सुविधाजनक बनाता है।
खुद बिजली पैदा करेगा विभाग, उसी से चार्ज होंगे वाहन
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में परिवहन विभाग परिसर, शिमला में सौर ऊर्जा आधारित ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया गया है। इसी से वाहन चार्ज होंगे। विभाग ने ही सबसे पहले ई वाहनों का उपयोग हिमाचल में शुरू किया था। राज्य में 129 स्थानों को ईवी चार्जिंग स्टेशन हेतु चिन्हित किया गया है, जिनमें से 30 स्टेशन वर्तमान में संचालित किए जा हैं।