हिमाचल में स्कूलों के पाठ्यक्रम में होगा बड़ा बदलाव, SCERT की बैठक अहम बैठक कल, नशामुक्ति सहित 6 विषय जुड़ेंगे
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 20 जनवरी को एससीईआरटी की बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता म ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर। जारगण आर्काइव
HighLights
20 जनवरी को एससीईआरटी की अहम बैठक होगी।
कक्षा 5 से 12 तक का पाठ्यक्रम बदला जाएगा।
इतिहास, संस्कृति, नशामुक्ति जैसे नए विषय जुड़ेंगे।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों के पाठयक्रम में बदलाव होने जा रहा है। 20 जनवरी को एससीइआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) के साथ बैठक होगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में सोलन स्थित एससीइआरटी कार्यालय में होने वाली बैठक में संभावित विषय हिमाचल का इतिहास, संस्कृति, रीति रिवाज, सड़क सुरक्षा, सामान्य ज्ञान व नशा मुक्ति को पाठयक्रम का हिस्सा बनाना है।
इन विषयों को वर्तमान में पढ़ाए जा रहे विषयों में जोड़ा जाएगा। शिक्षा में गुणात्मक सुधार की दिशा में कार्य कर रही सरकार अब पाठ्यक्रम में बदलाव करने जा रही है। कक्षा पांच से 12वीं तक का पाठ्यक्रम बदला जाएगा।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा की गई थी। अब अगले सप्ताह फिर बैठक बुलाई जाएगी। शिक्षा सचिव राकेश कंवर को पाठ्यक्रम में बदलाव से संबंधित प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश है।
ये विषय पाठ्यक्रम में जुड़ेंगे
पाठ्यक्रम में हिमाचल का इतिहास, संस्कृति, रीति रिवाज को शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सामान्य ज्ञान, सड़क सुरक्षा व नशा मुक्ति को भी पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाया जाएगा। स्कूलों में जो पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है उसमें 80 प्रतिशत राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) का पढ़ाना अनिवार्य है।
नए विषय शामिल होंगे
राज्य पाठ्यक्रम में 20 प्रतिशत स्वयं तय कर सकता है। अभी हिमाचल की लोक संस्कृति, नैतिक शिक्षा, योग सहित कुछ चीजों को शामिल किया गया है। अब इसका विस्तार कर नई चीजों को शामिल किया जाएगा। सरकार चाहती है कि बच्चों को हिमाचल के इतिहास व संस्कृति से लेकर हर चीज की जानकारी हो। स्कूल पास करने के बाद जब वे प्रतियोगी परीक्षा में बैठेंगे तो यह चीजें उन्हें बेहद काम आएगी।
सामान्य ज्ञान पर रहेगा ज्यादा ध्यान
राज्य सरकार का सबसे ज्यादा ध्यान सामान्य ज्ञान पर रहेगा। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हाल ही में प्रदेश के कई स्कूलों का निरीक्षण किया है। बच्चों से बातचीत भी की है। सामान्य ज्ञान में कई खामियां बच्चों में दिखी हैं। इसलिए पाठयक्रम का अहम हिस्सा सामान्य ज्ञान को दृष्टिगत रखा गया है।