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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himachal: तो क्या रद हो सकता है श्री नैना देवी विधानसभा चुनाव? हाई कोर्ट का याचिका खारिज करने से मना, कांग्रेस प्रत्याशी को डेडलाइन

Published: Tue, 07 Oct 2025 04:44 PM (IST)Updated: Tue, 07 Oct 2025 06:52 PM (IST)

Naina Devi Election Pettion कांग्रेस प्रत्याशी राम लाल ठाकुर ने भाजपा विधायक रणधीर शर्मा के चुनाव को चुनौती दी थी ...और पढ़ें

श्री नैना देवी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे राम लाल ठाकुर और भाजपा के विजेता उम्मीदवार रणधीर शर्मा।
श्री नैना देवी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे राम लाल ठाकुर और भाजपा के विजेता उम्मीदवार रणधीर शर्मा।

विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने भाजपा विधायक रणधीर शर्मा के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करने से मना कर दिया है। श्री नैना देवी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे राम लाल ठाकुर ने चुनाव याचिका दायर कर रणधीर शर्मा के चुनाव को चुनौती दी है। रणधीर शर्मा ने याचिका में कानूनी खामियां दर्शाते हुए एक आवेदन दायर कर याचिका खारिज करने की मांग की थी।

न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने आवेदन को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए चुनाव याचिका को प्रारंभिक मुद्दे पर खारिज करने से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि चूंकि याचिकाकर्ता द्वारा याचिका के समर्थन में दायर शपथपत्र अपूर्ण है, इसलिए चुनाव याचिकाकर्ता राम लाल ठाकुर को उक्त कमी को दूर करने के लिए 15 अक्टूबर 2025 तक या उससे पहले एक नया हलफनामा दायर करने का अवसर दिया जाता है। यदि याचिकाकर्ता तय समय तक आवश्यक कार्य नहीं करता है, तो चुनाव याचिका इस आधार पर खारिज मानी जाएगी।

विधायक रणधीर शर्मा के अनुसार, चुनाव याचिका जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए दायर की गई है। विधायक का कहना था कि चुनाव याचिका अस्पष्ट व संदिग्ध है। इसमें ठोस तथ्यों का अभाव है और इसमें कार्रवाई का कोई कारण भी नहीं बताया गया है। चुनाव याचिका में दिए गए कथन उसके चुनाव को रद्द करने के लिए किसी भी आधार का आरोप लगाने या बताने के बराबर नहीं हैं।

विधायक का यह भी तर्क था कि चुनाव याचिका में ठोस तथ्यों का पूर्णतः अभाव है। विधायक का कहना था कि चुनाव याचिका में सभी ठोस तथ्यों का पूर्णतः अभाव है। चुनाव कानून के अनुसार, दलीलें स्पष्ट और विशिष्ट होनी चाहिए और एक स्पष्ट मामला प्रस्तुत करना चाहिए और चुनाव याचिका में इन सबका अभाव है।

2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी थे रामलाल

विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे राम लाल ठाकुर द्वारा दायर चुनाव याचिका के माध्यम से, याचिकाकर्ता ने प्रतिवादी के विधानसभा सदस्य, निर्वाचन क्षेत्र-49, श्री नैना देवी जी के रूप में चुनाव को चुनौती दी है। 

चुनाव याचिका में उल्लेख किया गया है कि याचिकाकर्ता ने विधानसभा क्षेत्र-49, श्री नैना देवी जी से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और रणधीर शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। चुनाव में अन्य उम्मीदवार भी थे। चुनाव 12 नवंबर 2022 को हुआ और मतगणना 08 दिसंबर 2022 को हुई।

171 मत से हुई थी रामलाल ठाकुर की हार

याचिकाकर्ता के अनुसार, दुर्भाग्य से, मुख्य रूप से डाक मतपत्रों के माध्यम से डाले गए मतों की गिनती की प्रक्रिया में चुनाव कर्मियों द्वारा की गई अवैधताओं और अनियमितताओं और रणधीर शर्मा द्वारा अपनाई गई भ्रष्ट प्रथाओं के कारण, याचिकाकर्ता 171 मतों के मामूली अंतर से चुनाव हार गया।

निर्देशों के उल्लंघन का आरोप

चुनाव याचिका में उल्लेख किया गया है कि मतों की गिनती, विशेष रूप से डाक मतपत्रों की, प्रक्रिया के दौरान, अधिनियम, 1961 के नियमों के प्रावधानों का घोर और स्पष्ट उल्लंघन किया गया। रिटर्निंग ऑफिसर के लिए हैंडबुक में निहित अनिवार्य निर्देशों का उल्लंघन किया गया।

2816 डाक मतपत्रों में से पहले 341 मत कर दिए अमान्य घोषित

याचिकाकर्ता के मतगणना एजेंट ने एक आवेदन के माध्यम से डाक मतपत्रों की पुनर्गणना की मांग की, जिसमें यह आशंका व्यक्त की गई कि उनकी गणना ठीक से नहीं की गई थी। चुनाव अधिकारी ने पुनर्गणना, अर्थात पहले से गिने गए मतों की मांग वाले आवेदन को स्वीकार कर लिया। प्राप्त डाक मतपत्रों की कुल संख्या 2816 थी, इनमें से 341 डाक मतपत्रों को याचिकाकर्ता या उसके अधिकृत एजेंटों को सूचित किए बिना अमान्य घोषित कर दिया गया। इसके बाद, शेष 2475 मतों की गणना के बाद चुनाव अधिकारी ने 14 मतों को अस्वीकार कर दिया। अंततः, डाकमतपत्रों में याचिकाकर्ता को 499 वोट मिले जबकि रणधीर शर्मा को 525 वोट मिले।

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शराब और पैसे बांटने का भी आरोप

चुनाव याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव के दौरान रणधीर शर्मा ने मतदाताओं को अपने पक्ष में वोट डालने के लिए प्रभावित करने के लिए शराब और पैसे का इस्तेमाल किया और वितरित किया। 11 नवंबर 2022 को याचिकाकर्ता को सूचना मिली कि भाजपा प्रत्याशी के एजेंट जामलाघाट में शराब और पैसे वितरित कर रहे हैं। याचिकाकर्ता ने इस कार्य के लिए अपने समर्थकों को बुलाया। लगभग 9:00 बजे, याचिकाकर्ता के समर्थकों ने एक टाटा नैनो वाहन को रोका, जिसमें तीन व्यक्ति बैठे थे। रोकने पर, वाहन में सवार दो व्यक्ति मौके से भाग गए और एक को पकड़ लिया गया। जब वाहन की जांच की गई, तो उसमें एक बोतल देशी शराब, तीन बोतलें आईएमएफएल और तीन बैग पाए गए, जिनका इस्तेमाल पैसे और शराब बांटने के लिए किया गया था।

एक व्यक्ति ने खुलासा किया कि उसके और उसके अन्य समर्थकों द्वारा जामलाघाट में मतदाताओं के बीच वितरित करने के लिए भाजपा प्रत्याशी की सहमति और सकारात्मक जानकारी के साथ शराब और पैसे का परिवहन और वितरण किया जा रहा था।

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पुलिस थाना में मामला भी दर्ज

इस मामले की सूचना पुलिस को भी दी गई और संबंधित पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद ही एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया। उसी तारीख को, एक अन्य व्यक्ति को याचिकाकर्ता के समर्थकों द्वारा दो बोतल देशी शराब ले जाते हुए एक वाहन में फिर से रोका गया और पूछे जाने पर उसने यह भी खुलासा किया कि वह भाजपा प्रत्याशी के कहने पर आस-पास के इलाकों में शराब बांट रहा था।

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