हिमाचल हाई कोर्ट ने भाजपा अध्यक्ष बिंदल के खिलाफ टिप्पणी करने पर लगाई रोक, कांग्रेस नेता को जारी किया आदेश
हिमाचल हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता कपिल गर्ग को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के खिलाफ इंटरनेट मीडिया पर कोई भी सामग्री अपलोड करने से रोक दिया है ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव
HighLights
कांग्रेस नेता कपिल गर्ग पर इंटरनेट मीडिया पोस्ट पर रोक।
भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने दायर किया मानहानि मुकदमा।
पीपीई किट खरीद पर बेबुनियाद आरोप लगाने का मामला।
विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल हाई कोर्ट ने नाहन से कांग्रेस नेता कपिल गर्ग को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा. राजीव बिंदल के खिलाफ इंटरनेट मीडिया पर कोई भी कंटेंट अपलोड करने या फैलाने से रोक दिया है, जब तक उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा चल रहा है। यह अंतरिम आदेश जस्टिस सुशील कुकरेजा की सिंगल बैंच ने दिया।
कोर्ट ने यह आदेश नौ जनवरी को डा. बिंदल द्वारा सिविल प्रोसीजर कोड के आर्डर 39 नियम एक और दो के तहत दायर एक आवेदन पर फैसला सुनाते हुए दिया, जिसमें उनके खिलाफ किए गए कथित मानहानि वाली पोस्ट पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
यह सिविल मुकदमा डा. बिंदल द्वारा गर्ग के खिलाफ दायर 1.25 करोड़ रुपये के मानहानि के दावे से संबंधित है।
लगाए थे बेबुनियाद आरोप
दलीलों के मुताबिक डा. बिंदल ने आरोप लगाया कि गर्ग ने इंटरनेट मीडिया पर बेबुनियाद और हल्के आरोप लगाए थे, जिसमें कोविड-19 महामारी के दौरान पीपीई किट खरीद का जिक्र भी शामिल था, जिसका मकसद उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना और राजनीतिक फायदा उठाना था।
बिना जांचे-परखे आरोप उचित नहीं
कोर्ट ने कहा कि बिना जांचे-परखे आरोप किसी सार्वजनिक व्यक्ति की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं और माना कि वादी के पक्ष में एक मजबूत प्रथम दृष्टया मामला बनता है। बैंच ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है, लेकिन यह पूर्ण नहीं है और उचित प्रतिबंधों के अधीन है, खासकर जब यह दूसरों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है।
डा. बिंदल के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर ठाकुर ने कहा कि कोर्ट ने 17 दिसंबर, 2025 को इस मामले में दलीलें सुनीं और उसके बाद रोक लगाने का आदेश जारी किया। मुकदमे की सुनवाई योग्यता के आधार पर जारी रहेगी।