हिमाचल: 2200 करोड़ के घाटे से जूझता HRTC आखिर कैसे उबरेगा, क्या BOD के बड़े निर्णय देंगे संजीवनी?
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) लगभग 2200 करोड़ रुपये के घाटे में है। निगम प्रबंधन आय के अतिरिक्त स्रोत ...और पढ़ें

एचआरटीसी को घाटे से उबारने के लिए डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने बड़े फैसले लिए हैं।
HighLights
HRTC पर लगभग 2200 करोड़ रुपये का घाटा
बेरोजगार युवाओं को मिलेंगी 20 प्रतिशत दुकानें
कर्मचारियों के दैनिक भत्ते में 40 रुपये की वृद्धि
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) करीब 2200 करोड़ रुपये के घाटे में डूबा है। निगम प्रबंधन ने निदेशक मंडल (बीओडी) के समक्ष घाटे के कई कारण बताए। निर्णय लिया है कि निगम की आय के अतिरिक्त स्रोत तलाशें जाएं। इसके लिए अधिकारियों को अधिकृत किया है।
20 प्रतिशत दुकानें बेरोजगार युवाओं को मिलेंगी
निर्णय लिया कि नए बस अड्डों पर स्थानीय उद्यमिता एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 20 प्रतिशत दुकानें संबंधित क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को मिलेंगी।
बस अड्डे में एटीएम और छत पर टॉवर
बस अड्डों की छतों पर टेलीकाम टावर स्थापित हो सकेंगे। बस अड्डों में खाली जगह बैंकों को एटीएम स्थापित करने के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी।
गेस्ट हाउस स्थापित होंगे
खाली व्यावसायिक हाल प्रतिष्ठित ब्रांड्स को रेस्टोरेंट एवं अन्य गतिविधियों की स्थापना के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। चयनित अड्डों पर यात्री निवास के रूप में अतिथि कक्ष स्थापित किए जाएंगे।
जेओए आइटी के 171 पद भरेंगे
बैठक में निगम में जेओए आइटी के 171 पद भरने, 78 पीस मील श्रमिकों को अनुबंध पर लाने, कर्मचारियों के देय सभी वित्तीय लाभ जैसे ग्रेच्युटी, पेंशन, मेडिकल रीइंबर्समेंट, दैनिक भत्ता और नई बसों की खरीद को मंजूरी दी गई।
डिप्टी सीएम की अध्यक्षता में लिए गए निर्णय
ये निर्णय लगातार दो दिन हुई निदेशक मंडल (बीओडी) की बैठक में लिए गए, जिनकी अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने की।
31 जनवरी तक बनाना होगा हिम बस कार्ड
मुकेश ने बताया कि निगम की बसों में 22 प्रकार की रियायती सुविधाएं पाने वालों को 31 जनवरी तक हिम बस कार्ड बनाना अनिवार्य होगा। कर्मचारियों के दैनिक भत्ते में 40 रुपये की वृद्धि कर 410 से बढ़ाकर 450 कर दिया है। कर्मचारियों और पेंशनरों के वित्तीय लाभ जारी कर दिए गए हैं। इस माह का वेतन जारी कर दिया गया है, जबकि कुछ पेंशन भुगतान अभी शेष है।
रिटायर कर्मियों को भी ओपीएस का लाभ
निगम के 9099 कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के तहत लाया गया है। एनपीएस में शामिल सेवानिवृत्त हुए 170 कर्मियों को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि दो दिन में 100 से अधिक एजेंडा पर चर्चा की गई। एचआरटीसी ने नियमित भर्ती करने वाला माडल बनाया है। जेओए आइटी के 171 पद राज्य चयन आयोग के माध्यम से जाब ट्रेनी के तौर पर भरेंगे।
पेंशनरों को मिलेंगे लाभ
निगम के 696 ऐसे पेंशनर हैं, जिनकी 74 वर्ष से अधिक की आयु हो गई है। उन्हें 2016 से संशोधित पेंशन देने के लिए 23 करोड़ रुपये जारी किए गए। सेवानिवृत्ति के बाद 222 कर्मचारियों को पेंशन नहीं मिली, उन्हें कम्यूटेशन के साथ पेंशन के तौर पर 29 करोड़ रुपये जारी किए गए। निगम में सरकारी विभागों की तर्ज पर 45 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया है। 15.50 करोड़ रुपये एरियर के तौर पर डाल दिए हैं। दुर्घटना मुक्त सेवा और ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा।
रात्रि भत्ते के लिए 30 किलोमीटर की शर्त समाप्त
निगम में बस चालक और परिचालक को रात्रि भत्ते के लिए 30 किलोमीटर की शर्त हटा दी है। जो कर्मचारी दूसरे स्थानों पर रहेंगे, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। 65, 70 व 75 वर्ष की आयु पर पेंशनर्स को 5, 10 व 15 प्रतिशत का पेंशन में लाभ होगा। इसके तहत करीब 3500 पेंशनर्स आएंगे।
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