हिमाचल में स्वाइन फ्लू के 4 मामले, स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत एडवाइजरी जारी; क्या करें व क्या न करें?
हिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू (H1N1) के 4 नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद एडवायजरी जारी की गई है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
हिमाचल में स्वाइन फ्लू के 4 नए मामले, विभाग अलर्ट।
कांगड़ा में बच्चों समेत मामले, स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाई।
अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड, वेंटिलेटर तैयार रखने के निर्देश जारी।
जागरण संवाददाता, शिमला। देश के कई राज्यों में एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच हिमाचल प्रदेश में भी स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में स्वाइन फ्लू के 4 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें 7 महीने और एक वर्ष का बच्चा शामिल है। राज्य में लगातार मिल रहे इन मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और क्षेत्रीय अस्पतालों को निगरानी बढ़ाने तथा विशेष सतर्कता बरतने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
कांगड़ा जिला के टांडा मेडिकल कॉलेज में संक्रमितों की पुष्टि के बाद राजधानी शिमला समेत अन्य जिलों के स्वास्थ्य विभागों को विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं।
रैंडम सैंपल लेने के निर्देश
शिमला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा ने जिला में फ्लू को लेकर अलर्ट जारी किया है। हालांकि, आईजीएमसी शिमला में आया एक संदिग्ध मरीज जांच में नेगेटिव पाया गया है, लेकिन प्रशासन जोखिम नहीं लेना चाहता। सोलन, मंडी, हमीरपुर और ऊना जैसे सीमावर्ती व अधिक आबादी वाले जिलों में भी स्वास्थ्य विभाग फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों पर पैनी नजर रख रहा है और उनके रैंडम सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं।
हर संदिग्ध मरीज पर नजर
बरसात के मौसम में सर्दी-खांसी के बढ़ते मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच तेज कर दी है। विभाग की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, अस्पतालों के ओपीडी में आने वाले हर संदिग्ध मरीज की गहनता से चिकित्सकीय जांच की जा रही है।
ये लक्षण दिखें तो लें सैंपल
डॉक्टरों को आदेश दिए गए हैं कि यदि किसी मरीज में तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, जुकाम या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखते हैं, तो उनके तुरंत सैंपल लिए जाएं। इसके अलावा, बाहरी राज्यों से हिमाचल लौट रहे पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भी विशेष निगरानी की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी
- लक्षण न छुपाएं: बुखार, गले में खराश और सांस फूलने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर से संपर्क करें।
- दूरी बनाएं और मास्क पहनें: भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
- हाथों की स्वच्छता: खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल या टिश्यू से ढकें तथा साबुन-पानी या सैनिटाइज़र से बार-बार हाथ धोएं।
- स्वयं दवा न लें: डॉक्टरों ने सख्त चेतावनी दी है कि फ्लू होने पर बिना डॉक्टरी परामर्श के खुद से कोई भी एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवा न लें।
अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड और वेंटिलेटर तैयार
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के पास पर्याप्त मात्रा में दवाइयां, वीटीएम किट्स, पीपीई किट्स और एन-95 मास्क उपलब्ध हैं। सभी प्रमुख चिकित्सा संस्थानों को आपातकालीन स्थिति के लिए अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड, वेंटिलेटर और स्पेशल बेड्स रिजर्व रखने के आदेश दिए गए हैं ताकि गंभीर मरीजों को समय पर सही इलाज मिल सके।
