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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हिमाचल में शिक्षक पुरस्कार के लिए नियम बदलेगी सरकार, अब संस्थान को भी मिल सकेगा अवार्ड

Published: Tue, 23 Sep 2025 03:29 PM (IST)

Himachal Pradesh Teachers Award हिमाचल प्रदेश में शिक्षक दिवस पर दिए जाने वाले शिक्षक पुरस्कार के नियमों में बदलाव होगा। ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षक पुरस्कार के लिए नियम बदलेगी। प्रतीकात्मक फोटो
हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षक पुरस्कार के लिए नियम बदलेगी। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. शिक्षक पुरस्कार नियमों में बदलाव की तैयारी |
  2. अब संस्थानों को भी मिलेगा पुरस्कार |
  3. पुरस्कार चयन प्रक्रिया होगी सरल |

राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachal Pradesh Teachers Award, पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर दिए जाने वाले शिक्षक पुरस्कार के लिए नियमों में बदलाव होगा। दो साल बाद सरकार फिर से इसमें बदलाव करने जा रही है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में बीते सप्ताह आयोजित समीक्षा बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है।

सचिव शिक्षा राकेश कंवर ने विभाग को इस संबंध में नए सिरे से नीति तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत यदि कोई स्कूल अच्छा कार्य कर रहा है तो उसे भी पुरस्कार की श्रेणी में रखा जाएगा।

इसके अलावा जनजातीय क्षेत्र की सेवाओं के लिए अतिरिक्त अंक व जिन अध्यापकों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं, उसके लिए अतिरिक्त अंकों का जो पैमाना है उसमें भी बदलाव किया जाएगा।

शिक्षा मंत्री के निर्देशों के बाद विभाग पॉलिसी के ड्राफ्ट को संशोधन करने में जुट गया है। विभाग ने दो साल पहले राज्यस्तरीय शिक्षक पुरस्कार की पूरी पालिसी ही बदली थी। इस साल भी इसमें कुछ बदलाव किए गए। इस बार 50 प्रतिशत पुरस्कार आवेदन के आधार पर और 50 प्रतिशत पुरस्कार पंचायत व एसएमसी की सिफारिश पर देने का निर्णय लिया था।

जिलास्तर पर नहीं बनेगी अलग कमेटी

अभी तक दो कमेटियां पुरस्कार चयन का कार्य करती है। एक कमेटी उप निदेशक की अध्यक्षता में होती है जो स्कूलों में जाकर बच्चों से भी सवाल जवाब करती है। जबकि दूसरी कमेटी सचिव की अध्यक्षता में बनी है जो चयनित शिक्षकों के साक्षात्कार लेती है। दो कमेटियों के बजाए अब केवल एक ही कमेटी गठित की जाएगी जो शिक्षकों का चयन करेगी। एसएमसी व पंचायत के अलावा जिन शिक्षकों को पुरस्कार मिल चुका है वह भी अच्छा कार्य करने वाले शिक्षकों का नाम सुझा सकते हैं। मौजूदा नीति के तहत शिक्षकों के आवेदन के बाद जिलास्तरीय कमेटी आवेदनों का सत्यापन करती हैं। 

शिक्षा निदेशालय की ओर से गठित टीमें हर जिलों में आवेदकों की स्पाट वेरिफिकेशन की जाती है। शिक्षा निदेशालय स्तर की कमेटी इनमें से शिक्षकों के नाम शॉर्ट लिस्ट कर राज्यस्तरीय कमेटी को भेजेगी। इन शिक्षकों का साक्षात्कार और प्रेजेंटेशन इस राज्यस्तरीय कमेटी के सामने लिए जाते हैं। ये कमेटी राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए शिक्षकों का चयन करती है। पुरस्कार के लिए पिछले पांच सालों का परीक्षा परिणाम, जनजातीय क्षेत्रों में दी गई सेवाएं, उल्लेखनीय कार्यों के आधार पर ही पुरस्कार के लिए चयन किया जाता है।

सुझाव पॉलिसी में शामिल होंगे

बैठक में इसको लेकर चर्चा हुई है। जो भी सुझाव आए हैं उन को पॉलिसी में शामिल किया जाएगा। इस पर काम किया जा रहा है।

-आशीष कोहली, निदेशक, स्कूल शिक्षा विभाग।

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