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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    हिमाचल के मेडिकल कॉलेजों की 1800 करोड़ रुपये से बदलेगी सूरत,अस्पतालों में मिलेगी हाई टेक सुविधाएं

    Updated: Fri, 14 Feb 2025 07:42 PM (IST)

    Himachal Pradesh News हिमाचल प्रदेश सरकार अपने सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने और अस्पतालों में पुरानी मशीनों को बदलने के लिए 1800 करो ...और पढ़ें

    हिमाचल के अस्पताल होंगे हाई टेक, 1800 करोड़ रुपये का होगा इन्वेस्टमेंट (फाइल फोटो)
    हिमाचल के अस्पताल होंगे हाई टेक, 1800 करोड़ रुपये का होगा इन्वेस्टमेंट (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. 1800 करोड़ खर्च कर सभी मेडिकल कालेजों में रोबोटिक सर्जरी के साथ अस्पतालों में बेहतर सेवाएं
    2. मेडिकल कॉलेजों में मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर बनाए जाएंगे।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार प्रदेश में नए बदलाव करने जा रही है, खासतौर से मेडिकल क्षेत्र में। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी और अस्पतालों में 30 से 40 वर्ष पुरानी मशीनों को बदलने और अत्याधुनिक मशीनों को 1800 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा।

    इसके लिए व्यापक रुपरेखा तैयार कर ली गई है। जिसके आधार पर लोगों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का कायाकल्प करने के लिए चार बिंदुओं पर काम किया जाएगा।

    प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने के साथ-साथ रेडियोलाजी और लैब के लिए स्टेट ऑफ द आर्ट उपकरण खरीदे जाएंगे।

    सभी मेडिकल कॉलेजों में थ्री-टेस्ला मशीनें, 256 स्लाइस वाली हाई-एंड सीटी स्कैन मशीनें, पैट स्कैन मशीनें के साथ-साथ सभी आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। जिससे मरीजों की बीमारी सही समय पर पता लगाया जा सके और उन्हें सही इलाज मिल सके। मेडिकल कॉलेजों में मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर बनाए जाएंगे।

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    हमीरपुर में बन रहा 150 बैड का कैंसर केयर सेंटर

    हमीरपुर में 150 बैड का कैंसर केयर सेंटर स्थापित करने जा रही है, जिसमें रेडियेशन थेरेपी के साथ-साथ न्यूक्लियर दवाएं जैसी आधुनिक सुविधाएं कैंसर के मरीजों को उपलब्ध होंगी। प्रदेश में कैंसर से जूझ रहे मरीजों के इलाज में यह संस्थान मील का पत्थर सिद्ध होगा।

    इसके अलावा, राज्य सरकार के प्रदेश के 69 स्वास्थ्य संस्थानों में सुविधाओं का विस्तार करेगी, जिसके तहत सभी जोनल अस्पतालों, क्षेत्रीय अस्पतालों, जिला अस्पतालों और सीएचसी में मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

    अस्पताल की श्रेणी के हिसाब से इनमें पूरी तरह से आटोमैटिक या सेमी-आटोमैटिक लैब, डिजिटल एक्स-रे, हाई-एंड अस्ट्रासाउंड मशीनें, आइसीयू तथा आपरेशन थियेटर की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों और अस्पतालों को डिजिटल बनाया जाएगा, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

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    9.50 लाख हर वर्ष करवा रहे बाहरी राज्यों से उपचार

    स्वास्थ्य विभाग के डाटा के अनुसार प्रदेश में प्रति वर्ष 9.50 लाख मरीज इलाज के लिए प्रदेश से बाहर जाते हैं। जिससे प्रति वर्ष हिमाचल प्रदेश की जीडीपी को 1350 करोड़ रुपए का नुकसान होता है।

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