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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    हिमाचल में आसमानी आफत, जगह-जगह भूस्खलन और बादल फटने से 55 लोगों की मौत; सैकड़ों सड़कें बंद

    By Jagran NewsEdited By: Preeti Gupta
    Updated: Wed, 16 Aug 2023 10:18 AM (IST)

    Landslide in Shimla हिमाचल प्रदेश में तबाही जारी है। जगह-जगह हुए भूस्खलन से अब तक 55 लोगों की मौत हो गई है। वहीं आज फिर से शिमला के समर हिल इलाके में ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और बादल फटने से अब तक 55 लोगों की हुई मौत
    हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और बादल फटने से अब तक 55 लोगों की हुई मौत

    शिमला, एएनआई। Landslide in Shimla: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश (Heavy Rain) का कहर जारी है। वहां प्राकृतिक आपदा के चलते जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है। प्रदेश के कई इलाकों से बार-बार भूस्खलन (Landslide) और बादल फटने की खबरें सामने आ रही हैं। इस हादसे में अबतक 55 लोगों की मौत हो गई है। वहीं शिव मंदिर में हुए भूस्खलन में अब तक 12 लोगों की मौत हो गई है। यह आंकड़ा 21 तक भी पहुंच सकता है। अभी भी स्थिति खराब बनी हुई। कई रास्ते अभी तक बंद है।  वहीं, आज फिर से शिमला के समर हिल इलाके (Summer Hill Area) में फिर से भारी भूस्खलन हो गया है।

    किसी के हताहत और घायल होने की सूचना नहीं

    समर हिल इलाके में हुए भूस्खलन में फिलहाल किसी के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है। जानकारी मिलते ही सबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे। खोजी कुत्ते और बचाव दल मौके पर मौजूद हैं और उनका तलाशी अभियान जारी है। इससे पहले, मंगलवार को भारतीय वायु सेना (Navy) ने शिमला में भूस्खलन के बाद बचाव अभियान में सहायता के लिए सेना के 18 जवानों को एयरलिफ्ट किया था।

    इमारतों और संपत्तियों को पहुंचा काफी नुकसान

    वेस्टर्न एयर कमांड के एक चिनूक हेलीकॉप्टर ने आज हिमाचल प्रदेश शिमला के पास भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में बचाव के लिए 18 भारतीय सेना के जवानों और 3 टन के मिनी डोजर को एयरलिफ्ट किया है। हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में लगातार बारिश का कहर जारी है, जिससे इमारतों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।

    ताश के पत्तों की तरह ढह गए घर

    मंगलवार को शिमला के कृष्णा नगर इलाके में भूस्खलन के बाद 5 से 7 घर ताश के पत्तों की तरह ढह गए थे। अधिकारियों के अनुसार, कुछ निवासियों के मलबे में फंसे होने की आशंका है और NDRF, SDRF और राज्य पुलिस के जवान बचाव अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रशासन ने कहा कि हमारा प्राथमिक ध्यान अधिक से अधिक लोगों को बचाना है। अब तक एक के हताहत होने की खबर है। सभी एजेंसियां लोगों की जान बचाने के लिए काम कर रही हैं।

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    55 से अधिक लोगों की गई जान

    इलाके से करीब 10-15 मकानों को खाली करा लिया गया है और उनमें रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। गौरतलब है कि बीते कई दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण भूस्खलन, बादल फटने और सड़क अवरुद्ध होने से कम से कम 55 लोगों की जान चली गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा प्रबंधन प्रयासों को और तेज करने के लिए मंगलवार को उच्चाधिकार प्राप्त समिति के साथ बैठक की थी।

    1,220 अवरुद्ध सड़कों में 400 सड़कें बहाल

    सीएम ने कहा कि पिछले चार दिनों में बारिश में 157 प्रतिशत की वृद्धि के कारण पूरे राज्य में व्यापक क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार राहत और बचाव का कार्य तेजी से कर रही है। सीएम ने बैठक में बताया कि कुल 1,220 अवरुद्ध सड़कों में से लगभग 400 को बहाल कर दिया गया है। वहीं, उन्होंने बिजली और पेयजल आपूर्ति को तेजी से बहाल करने के निर्देश भी जारी किए।

    पहाड़ खिसकने से कई मकान गिरे

    शिमला के कृष्ण नगर वार्ड में भूस्खलन का एक खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। क्षेत्र में एक पहाड़ खिसका है। इसकी चपेट में करीब 10 से अधिक घर आए हैं। देखते ही देखते मकान ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। इसके नीचे शहर का स्लॉटरहाउस भी चलता था यह पूरी तरह से मलबे में गायब हो गया है।

    शिमला में उखड़े 500 से अधिक पेड़

    शिमला में मूसलाधार बारिश के कारण 500 से अधिक पेड़ उखड़ गए हैं, जिससे लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा है। हालांकि, वन विभाग को गिरे हुए पेड़ों का तेजी से और उचित तरीके से निपटान कर रही है।