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Himachal Weather: हिमाचल में मानसून की रफ्तार हुई धीमी, भारी बारिश के आसार कम; कैसा रहेगा आज का मौसम?

By Yadvinder Sharma Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 06 Sep 2026 06:54 AM (IST)

हिमाचल में मानसून कमजोर पड़ गया है, जिससे वर्षा में कमी आएगी और आगामी सप्ताह भारी वर्षा की कोई चेतावनी ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में अब मानसून की रफ्तार धीमी हो गई है।

हिमाचल प्रदेश में अब मानसून की रफ्तार धीमी हो गई है।

HighLights

  1. हिमाचल में मानसून कमजोर हुआ, वर्षा में कमी।

  2. भूस्खलन के कारण 85 सड़कें अभी भी बंद।

  3. मानसून से राज्य को 1242.36 करोड़ का नुकसान।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून कमजोर हो गया है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होने से वर्षा में कमी आएगी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, राहत की बात यह है कि आगामी सप्ताह प्रदेश में किसी भारी वर्षा की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। हालांकि, वर्षा कम होने के बावजूद भूस्खलन की वजह से राज्य भर में 85 सड़कें पूरी तरह बंद हैं। 

बीते चौबीस घंटों में धर्मशाला में सर्वाधिक 30.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बिलासपुर के  बीबीएमबी में 21.4 मिलीमीटर, ऊना के रायपुर मैदान में 18, नाहन में 14, चंबा के जोत में 12.6 और पालमपुर में 12 मिलीमीटर वर्षा हुई।

9 प्रतिशत कम वर्षा

प्रदेश में पहली जून से लेकर 5 सितंबर तक 584.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज गई है जो सामान्य वर्षा 643.3 मिलीमीटर से 9 प्रतिशत कम है। वर्षा और भूस्खलन के कारण बुनियादी ढांचे को लगातार नुकसान पहुंचा है।

85 सड़कें बंद

राज्यभर में 85 सड़कें बंद हैं। मंडी जिले में 45, कुल्लू में 15, कांगड़ा में 8, सोलन में 6, सिरमौर व ऊना में 4-4, शिमला में 2 और लाहुल-स्पीति में 1 सड़क बाधित है। राज्य में 29 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं, 51 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं। 

मानसून में 1242.36 करोड़ का नुकसान

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की 30 जून से 5 सितंबर 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार  मानसून से संबंधित विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं भूस्खलन, बाढ़, बादल फटना आदि में 110 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि सड़क हादसों में 160 लोगों की जान गई है। लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, बिजली बोर्ड और निजी संपत्ति का कुल 1242.36 करोड़ का नुकसान आंका जा चुका है।

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