यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal Weather: प्रदेश में मौसम ने बदली करवट, लोगों में जगी व्हाइट क्रिसमस की आस; ऊंचाईयों में बर्फबारी की संभावना
Himachal Weather Today प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। कई क्षेत्रों में बादल छाने से अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार ...और पढ़ें

HighLights
- कई क्षेत्रों में बादल छाने से अधिकतम तापमान में गिरावट आई है।
- गेहूं और सब्जियों की फसल पर इस मौसम का विपरीत असर पड़ रहा है।
- हर वर्ष क्रिसमस व नववर्ष पर सैलानी बर्फ की आस में पहाड़ में घूमने आते हैं।
राज्य ब्यूरो, शिमला। प्रदेश में अधिकतर स्थानों पर मौसम साफ रहेगा। हालांकि कुछ जगह हल्के बादल छाए रहेंगे। ऊंचे क्षेत्रों में हिमपात और वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक शिमला में अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज होगा।
बादल छाने से अधिकतम तापमान में आई गिरावट
कई क्षेत्रों में बादल छाने से अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को शिमला सहित चंबा, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल स्पीति जिला के ऊंचे क्षेत्रों में हिमपात की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है। मौसम के बदले तेवरों के बीच काफी पर्यटक प्रदेश में पहुंच रहे हैं।
हालांकि, मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि 25 दिसंबर को व्हाइट क्रिसमस की संभावना नहीं है। उस दिन पूरे प्रदेश में मौसम के साफ रहने का अनुमान है। प्रदेश में 29 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ का असर होगा। हिमाचल प्रदेश में काफी समय से वर्षा और हिमपात न होने के कारण असर कृषि के साथ बागवानी पर हो रहा है।
फसल पर इस मौसम का विपरीत असर पड़ रहा
गेहूं और सब्जियों की फसल पर इस मौसम का विपरीत असर पड़ रहा है। सेब के बगीचों में सूखे के कारण तौलिये बनाने का काम बाधित हुआ है। वहीं, शुक्रवार को राजधानी शिमला का न्यूनतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो सामान्य से 6.8 डिग्री सेल्सियस अधिक है। मंडी के सुंदरनगर व भुंतर में न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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व्हाइट क्रिसमस की जगी आस
करीब एक माह के सूखे के बाद मौसम ने हल्की करवट ली है। मौसम के करवट लेते ही अब सैलानियों सहित व्यापारियों व कारोबारियों को भी व्हाइट क्रिसमस की आस जगी है। हर वर्ष क्रिसमस व नववर्ष पर सैलानी बर्फ की आस में पहाड़ में घूमने आते हैं।
शिमला, मनाली व धर्मशाला के बाद सैलानी चंबा के डलहौजी व खजियार को ही चुनते हैं। इस बार भी क्रिसमस व नए साल पर कारोबारी काफी संख्या में पर्यटकों के आने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।