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    हिमाचल प्रदेश में 5 दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी, 6 जिलों में कड़े तेवर दिखाएगा मानसून

    By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 15 Jul 2026 04:42 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश में 18 जुलाई से मानसून फिर सक्रिय होगा, जिसके चलते 20 और 21 जुलाई को 6 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    HighLights

    1. 18 जुलाई से हिमाचल में मानसून फिर होगा सक्रिय।

    2. 20-21 जुलाई को 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी।

    3. लोगों को नदी-नालों, भूस्खलन क्षेत्रों से दूर रहने की अपील।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में दो दिन मानसून की गति कुछ धीमी रहने की संभावना है। 18 जुलाई से मौसम फिर करवट लेगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 18 जुलाई से प्रदेश में वर्षा का क्रम फिर से तेज होगा। 20 व 21 जुलाई को प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, सिरमौर, शिमला जिलों के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए दोनों दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम से जुड़ी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

    18 व 19 को 4 जिलों के लिए अलर्ट

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 18 और 19 जुलाई को प्रदेश के कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, चंबा जिलों के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 20 और 21 जुलाई को कई क्षेत्रों में बारिश का दौर और तेज हो सकता है। इन दो दिनों के लिए भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट रहेगा।

    5 दिन सक्रिय रहेगा मानसून

    मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि 18 से 22 जुलाई के बीच प्रदेश में मॉनसून फिर सक्रिय रहेगा। इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में वर्षा होने की संभावना है। विभाग ने इस अवधि के लिए भारी वर्षा का यलो अलर्ट भी जारी किया है। 

    जुलाई में 21 प्रतिशत अधिक वर्षा

    उन्होंने कहा कि जुलाई महीने में अब तक प्रदेश में सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश में इस वर्ष मानसून ने 30 जून को दस्तक दी थी। वर्षा में कमी आने का असर मैदानी इलाकों में साफ दिखाई दिया, जहां उमस बढ़ गई है। बुधवार को प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.6 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।

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    24 घंटे में कहां कितनी बारिश

    इस बीच पिछले 24 घंटों के दौरान मानसून कमजोर रहने से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां सीमित रहीं। मंडी जिले के गोहर में सबसे अधिक 31 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद मंडी के पंडोह में 19 मिमी, शिमला जिले के सराहन में 18 मिमी और मंडी के सुंदरनगर में 12 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई। अधिकांश क्षेत्रों में हल्की या बहुत कम बारिश होने से तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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