शिमला के बगीचे में पहुंचे हिमालयी काले भालू के शावक, दो दिन मां के इंतजार के बाद रेस्क्यू; फॉरेस्ट टीम ने दूध पिलाया
शिमला के ठियोग में एक बगीचे से एक महीने के दो हिमालयी काले भालू के शावक मिले। स्थानीय लोगों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने उन्हें रेस्क्यू किया। ...और पढ़ें

शिमला में कालू भालू के शावकों को दूध पिलाता कर्मचारी।
HighLights
शिमला में बगीचे से मिले दो हिमालयी काले भालू शावक।
वन विभाग ने दो दिन बाद शावकों को रेस्क्यू किया।
टूटीकंडी केंद्र में शावकों को बोतल से दूध पिलाया गया।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला में काले भालू के शावक मिले हैं। आसपास के लोगों ने शावक देखे तो वे बुरी तरह से घबरा गए। ठियोग के मत्याना के पास संधू गांव में बगीचे में एक महीने के दो नर हिमालयी काले भालू के शावकों को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर लिया है। स्थानीय लोगों ने शावकों को देखा तो वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग के कर्मचारियों ने शावकों को सुरक्षित निकाल लिया।
दो दिन किया मां का इंतजार
कर्मचारियों ने दो दिन तक शावकों की मां को ढूंढने और उनसे मिलाने की कोशिश की, लेकिन प्रयास सफल नहीं हुए। शावकों की नाजुक स्थिति और तत्काल देखभाल की आवश्यकता को समझते हुए ठियोग वन विभाग के कर्मचारियों ने शावकों को शिमला के टूटीकंडी स्थित वन्यजीव बचाव एवं पुनर्वास केंद्र में पहुंचाया।
बोतल से पिलाया दूध
शावकों की स्थिति नाजुक है, जिन्हें गहन देखभाल और निरंतर निगरानी की आवश्यकता है। अब इन्हें टूटीकंडी में देखरेख में रखा है। वन विभाग की टीम ने शावकों को बोतल से दूध भी पिलाया, जिससे इनकी भूख शांत हुई।
यहां पाया जाता है काला भालू
तीन वर्ष में टूटीकंडी की बचाव टीम ने लगभग 350 जंगली जानवरों को बचाया है। हिमालयी काला भालू मुख्य रूप से कुल्लू, चंबा और कांगड़ा जिले के घने जंगलों में पाया जाता है। किन्नौर व कुल्लू जिले में इनकी संख्या अधिक है। इसके अलावा यह भालू शिमला के रामपुर, ठियोग में भी पाए जाते हैं।