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    हिमाचल प्रदेश में सीएम सुक्खू ने एचपीवी टीकाकरण अभियान किया शुरू, 65000 किशोरियों को लगेंगे इंजेक्शन

    By Shikha Verma Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sat, 28 Feb 2026 05:10 PM (GMT+05:30)

    मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए राज्यस्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत 90 दिनों ...और पढ़ें

    मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला से सर्विक्स कैंसर की रोकथाम के लिए राज्यस्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया।

    मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला से सर्विक्स कैंसर की रोकथाम के लिए राज्यस्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया।

    HighLights

    1. सीएम सुक्खू ने एचपीवी टीकाकरण अभियान शिमला से किया शुरू।

    2. 90 दिन में 65 हजार किशोरियों को लगेगा सर्वाइकल कैंसर टीका।

    3. हमीपुर में 300 करोड़ का कैंसर अस्पताल बनेगा, रोबोटिक सर्जरी भी।

    जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को आइजीएमसी शिमला से सर्विक्स कैंसर की रोकथाम के लिए राज्यस्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान को शुरू किया। 90 दिन में 14 वर्ष की 65 हजार किशोरियों को यह टीका लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य कर्मियों से इस कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में स्विमिंग पूल बनाए जाएंगे। 

    मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बढ़ते कैंसर के मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार इस बीमारी से लड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है। 40 वर्षों से सरकारें एक ही ढर्रे पर चलती रहीं। अगर हमारी सरकार भी पांच वर्ष तक ऐसे ही चलती तो प्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी पीछे चला जाता। उन्होंने कहा, अगर सही समय पर सही इलाज मिले तो कैंसर का इलाज संभव है। 

    सरकार 300 करोड़ रुपये से हमीरपुर में स्टेट आफ द आर्ट कैंसर अस्पताल बनाने जा रही है ताकि मरीजों को प्रदेश में ही सस्ता और सुलभ इलाज मिल सके। कैंसर के मामलों में हिमाचल देश में दूसरे स्थान पर है, इसके कारणों को जानने के लिए सरकार काम कर रही है।

    विश्व स्तरीय तकनीक से लैस उपकरण

    मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार आठ महीनों में आइजीएमसी समेत प्रदेश के सभी मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में विश्व स्तरीय तकनीक से लैस उपकरण और मशीनें स्थापित करने जा रही है। आने वाले तीन वर्षों में प्रदेश के सभी जोनल अस्पतालों, आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों, पीएचसी, सीएचसी में भी एम्स की तर्ज पर आधुनिक तकनीक उपलब्ध होगी। पांच वर्ष में हेल्थ टूरिज्म को विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसका लाभ प्रदेश के लोगों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े डाक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ और तकनीशियन को होगा। सरकार ने तीन वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में कई कदम उठाए हैं। 

    आइजीएमसी में रोबोटिक सर्जरी

    डाक्टरों के साथ नर्सों और आपरेशन थियेटर असिस्टेंट, रेडियोग्राफर आदि के पद स्वीकृत किए हैं, जिन्हें भरा जा रहा है। सरकार पांचों मेडिकल कालेजों में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत करने जा रही है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा और टांडा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत करने के बाद 10 मार्च को आइजीएमसी में भी यह सुविधा शुरू हो जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री डा. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।

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