हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिक्षक को 60 वर्ष तक सेवा में बनाए रखने का आदेश, 18 वर्ष बाद हुए थे रेगुलर
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट के कॉलेज के एक शिक्षक को 60 वर्ष की आयु ...और पढ़ें

हिमाचल हाई कोर्ट ने शिक्षक की सेवाएं 60 साल तक जारी रखने का आदेश दिया है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
हिमाचल हाई कोर्ट ने शिक्षक को 60 वर्ष तक सेवा में रखने का आदेश।
बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट कॉलेज के शिक्षक को मिली बड़ी राहत।
ट्रस्ट 58 वर्ष सेवानिवृत्ति का नियम प्रस्तुत नहीं कर सका।
विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट दियोटसिद्ध की ओर से संचालित कॉलेज के एक शिक्षक को राहत देते हुए 60 वर्ष की आयु तक सेवा में बनाए रखने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश चिराग भानु सिंह की खंडपीठ ने एकलपीठ के उस अंतरिम आदेश को रद कर दिया, जिसमें याचिकाकर्ता को 60 वर्ष की आयु तक सेवा जारी रखने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया था।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को 60 वर्ष से अधिक आयु तक सेवा विस्तार नहीं मिलेगा और उनका यह कार्यकाल मुख्य याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।
2001 में किया था नियुक्त
याचिकाकर्ता जोगिंदर पाल को पांच जुलाई 2001 को 4,000 रुपये प्रतिमाह के समेकित वेतन पर अंग्रेजी प्रवक्ता (स्कूल कैडर) नियुक्त किया था। वर्ष 2006 में गेस्ट फैकल्टी रखा। 16 दिसंबर 2009 को उन्हें नियमित अनुबंध पर रखा।
18 वर्ष बाद किया नियमित
लगभग 18 वर्ष बाद नौ अप्रैल 2019 को उनकी सेवाओं को 10,300-34,800 4,200 ग्रेड पे के वेतनमान में नियमित किया। ट्रस्ट ने याचिकाकर्ता को 58 वर्ष (31 जुलाई 2025) की आयु में सेवानिवृत्त करने का आदेश जारी किया था। सुनवाई के दौरान ट्रस्ट ऐसा कोई सेवा नियम प्रस्तुत नहीं कर सका जो उनके कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष तय करता हो।
यह भी पढ़ें: हिमाचल में पंचायत चुनाव जीतीं आशा वर्कर्स पूरा कर सकेंगी कार्यकाल, हाई कोर्ट ने दी राहत
