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    HRTC कर्मियों के एरियर भुगतान पर हाई कोर्ट सख्त, हलफनामे पर जताई आपत्ति; याचिकाएं एक साथ सुनने का निर्देश

    By Chaitanya Thakur Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Thu, 09 Jul 2026 06:33 PM (IST)

    हिमाचल हाई कोर्ट ने एचआरटीसी कर्मचारियों के बकाया एरियर भुगतान पर कड़ा रुख अपनाया है और सभी संबंधित याचिकाओं को एक साथ सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया ह ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव

    हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. हाई कोर्ट ने एचआरटीसी एरियर भुगतान पर कड़ा रुख अपनाया।

    2. सभी संबंधित निष्पादन याचिकाओं को एक साथ सुनने का निर्देश।

    3. निगम को बकाया राशि का स्पष्ट हलफनामा दाखिल करने को कहा।

    विधि संवाददाता, शिमला। हाई कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों के बकाया एरियर के भुगतान को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने मामले में विरोधाभास से बचने के लिए अलग-अलग अदालतों में लंबित इस तरह की सभी निष्पादन याचिकाओं को एक साथ मुख्य मामले के साथ सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।

    मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन सी नेगी की खंडपीठ ने 'विनोद कुमार बनाम एचआरटीसी' मामले सहित दर्जनों संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया।

    कोर्ट में पेश किया गया हलफनामा

    सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने पेश किए गए हलफनामे में बताया गया कि कुल 659 कर्मियों में से 509 को एरियर की पहली किस्त मिल चुकी है। निगम द्वारा 30 अप्रैल 2026 तक लगभग 22.50 करोड़ रुपये की राशि कर्मचारियों (याचिकाकर्ताओं और गैर-याचिकाकर्ताओं) के बीच बांटी जा चुकी है। केवल 144 कर्मचारियों को ही अब तक दूसरी किस्त जारी की गई है। एचआरटीसी प्रबंधन ने अदालत को आश्वासन दिया है कि वह मार्च 2028 तक सभी कर्मचारियों का पूरा बकाया एरियर चुका देगा।

    कर्मियों ने जताई आपत्ति

    कर्मचारियों ने आपत्ति जताई कि निगम की ओर से अभी तक कोई सटीक और स्पष्ट गणना पेश नहीं की गई है। कर्मचारियों को यह नहीं बताया गया है कि कुल कितना पैसा बकाया है और किस अनुपात या प्रतिशत के आधार पर इस राशि का भुगतान किया जा रहा है। 
    कर्मचारियों की इस आपत्ति के बाद, एचआरटीसी ने अदालत से नया हलफनामा दायर करने के लिए समय मांगा। 

    कोर्ट ने दिए निर्देश

    कोर्ट ने निगम को निर्देश दिया है कि वह नए हलफनामे में स्पष्ट रूप से बताएं कि कर्मचारियों का कुल कितना एरियर बकाया है, अब तक कितनी राशि साफ तौर पर दी जा चुकी है और भुगतान के लिए कर्मचारियों का प्रतिशत किस तरह तय किया जा रहा है। इन मामलों की अगली सुनवाई 24 अगस्त 2026 को तय की गई है।

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