हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का सेवानिवृत कर्मचारियों को मासिक आधार पर पेंशन जारी न करने पर कड़ा संज्ञान
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मासिक पेंशन न मिलने पर कड़ा संज्ञान लिया है। कोर्ट ने राज्य के वित्त सचिव को जवाब तलब किया है और ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का शिमला स्थित परिसर। जागरण आर्काइव
HighLights
हाई कोर्ट ने मासिक पेंशन न मिलने पर कड़ा संज्ञान लिया।
वित्त सचिव को जवाब तलब कर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश।
पेंशनभोगियों को मासिक पेंशन का अधिकार, विलंब अस्वीकार्य।
विधि संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने सेवानिवृत कर्मचारियों को मासिक आधार पर पेंशन जारी न करने पर कड़ा संज्ञान लिया है। हाई कोर्ट ने राज्य के वित्त सचिव को प्रतिवादी बनाते हुए जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ ने वित्त सचिव को आवश्यक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें यह बताया गया हो कि वित्तीय निगम को पेंशन मासिक आधार पर क्यों जारी नहीं की जा रही है।
कोर्ट ने कहा कि पेंशनभोगी मासिक आधार पर पेंशन पाने का अधिकार रखता है और पेंशनभोगी को एक एक पैसे की सख्त जरूरत होती है, इसलिए इसे किश्तों में विलंबित अवस्था में भुगतान नहीं किया जा सकता है।
स्वीकृति के 7 सात माह बाद भुगतान
हिमाचल प्रदेश वित्तीय निगम का कहना था कि वित्त विभाग द्वारा पेंशन राशि स्वीकृत होने के लगभग सात महीने बाद पेंशन भोगियों को पेंशन का भुगतान किया जा रहा है।
नियमित आधार पर नहीं दी जा रही पेंशन
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्हें पेंशन की राशि नियमित आधार पर नहीं दी जा रही है, जबकि सरकार ने 15 नवंबर 2025 के पत्र को रिकॉर्ड पर रखा, जिसमें यह उल्लेख किया गया है कि पहली जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 तक की तिमाही के लिए पेंशन का भुगतान वित्त विभाग द्वारा चार अक्टूबर 2025 को जारी कर दिया गया है।
तीन माह की पेंशन विचाराधीन
यह भी बताया गया है कि पहली अक्टूबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक की तिमाही के लिए पेंशन वित्त विभाग के पास विचाराधीन है।
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