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    हिमाचल प्रदेश में रेगुलर होंगे हजारों अनुबंध और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, सरकार ने नियमितीकरण के नियम किए कड़े

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 01 Apr 2026 03:45 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश सरकार ने हजारों अनुबंध और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने का निर्णय लिया है। यह प्रक्रिया रिक्त पदों और वरिष्ठता के आधार पर हो ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कर्मचारियों के नियमितीकरण आदेश जारी किए हैं।

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कर्मचारियों के नियमितीकरण आदेश जारी किए हैं।

    HighLights

    1. अनुबंध कर्मचारी 2 साल की सेवा पर होंगे नियमित।

    2. दैनिक वेतनभोगी 4 साल की सेवा पर नियमित होंगे।

    3. नियमितीकरण रिक्त पदों और वरिष्ठता के आधार पर होगा।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार हजारों कर्मचारियों को रेगुलर करेगी। सरकार ने दो वर्ष का नियमित अनुबंध कर्मचारी के तौर पर सेवाएं पूरा करने वाले और चार वर्ष का दैनिक वेतन भोगी के तौर पर सेवाएं पूर्ण करने वालों के नियमितीकरण के आदेश जारी कर दिए हैं। यह निर्णय राज्य के हजारों कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है और लंबे समय से नियमितीकरण की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को बड़ी उम्मीद मिली है।

    प्रदेश कार्मिक विभाग द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। इसके अनुसार, ऐसे अनुबंध कर्मचारी जिन्होंने 31 मार्च 2026 तक दो वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, उन्हें नियमित किया जाएगा। इसके अलावा जो कर्मचारी 30 सितंबर 2026 तक दो साल की सेवा पूरी करेंगे, उन्हें भी इसके बाद नियमित किया जाएगा। नियमितीकरण उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर और वरिष्ठता के अनुसार किया जाएगा।

    दैनिक वेतनभोगी और कंटिजेंट पेड कर्मी भी होंगे नियमित

    वहीं, दैनिक वेतनभोगी और कंटिजेंट पेड कर्मचारियों के लिए चार साल की निरंतर सेवा (प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन) की शर्त रखी गई है। 31 मार्च 2026 तक पात्र कर्मचारियों के साथ-साथ 30 सितंबर 2026 तक यह अवधि पूरी करने वालों को भी नियमित किया जाएगा।

    नए पद सृजित नहीं होंगे

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमितीकरण पूरी तरह भविष्य प्रभाव से होगा और इसके लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। साथ ही, किसी भी श्रेणी में नए पद सृजित नहीं किए जाएंगे और नियमित होने के बाद संबंधित पद समाप्त कर दिए जाएंगे।

    स्क्रीनिंग कमेटी करेगी जांच

    निर्देशों में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता, चिकित्सीय फिटनेस, चरित्र सत्यापन और भर्ती एवं पदोन्नति नियमों का पालन अनिवार्य होगा। सभी विभागों में इसके लिए स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया जाएगा।

    खबरें और भी

    अनुबंध कर्मचारियों के नियमितीकरण के मुख्य नियम

    • 2 साल की सेवा पूरी करने पर नियमितीकरण
    • 31 मार्च 2026 तक पात्र  30 सितंबर 2026 तक पूरे करने वाले शामिल
    • वरिष्ठता के आधार पर चयन
    • न्यूनतम वेतनमान से नियुक्ति
    • पूरे प्रदेश में कहीं भी तैनाती संभव

    दैनिक वेतनभोगी व कंटिजेंट वर्कर

    • 4 साल की सेवा और हर साल 240 दिन अनिवार्य
    • केवल रिक्त पदों के खिलाफ नियमितीकरण
    • कोई नया पद सृजित नहीं होगा
    • नियमित होने पर पुराना पद समाप्त

    सामान्य शर्तें

    • मेडिकल फिटनेस और चरित्र सत्यापन अनिवार्य
    • भर्ती एवं पदोन्नति नियमों का पालन जरूरी
    • स्क्रीनिंग कमेटी करेगी चयन
    • बजट उपलब्धता के आधार पर प्रक्रिया विशेष प्रावधान
    • आयु सीमा में छूट (यदि प्रारंभिक नियुक्ति में पात्र थे)
    • रोजगार कार्यालय में नाम न होने पर भी छूट संभव
    • आरक्षण रोस्टर का पालन, बैकलॉग भविष्य में भरा जाएगा

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