यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal Weather Update: धुंध के साथ बर्फ और बारिश बढ़ाएगी परेशानी, हिमाचल में लुढ़केगा पारा; इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी
Himachal Weather Update हिमाचल के कांगड़ा ऊना बिलासपुर समेत हमीरपुर और सोलन व सिरमौर में घनी धुंध को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। धुंध से वाहनों क ...और पढ़ें

HighLights
- पहाड़ों पर हिमपात और बारिश की संभावना है।
- सोलन व सिरमौर में घनी धुंध को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
- बारिश न होने के चलते किसानों में भी निराशा है।
डिजिटल डेस्क, शिमला। हिमाचल प्रदेश में आने वाले दिनों में पहाड़ों पर हिमपात और बारिश की संभावना है। हालांकि बारिश न होने के चलते किसान और बागवानों में मायूसी छाई हुई है। वहीं, कंगड़ा, ऊना, बिलासपुर समेत हमीरपुर और सोलन व सिरमौर में घनी धुंध को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। धुंध से वाहनों को खासी दिक्कत होने की संभावना है। इससे इन जिलों में यातायात सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। आने वाले दिनों में ऊंची चोटियों पर हिमपात या वर्षा की संभावना प्रकट की गई है।
इन जिलों में यह है मौसम का पूर्वानुमान
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मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शिमला में आज अधिकतम तापमान 17 डिग्री और न्यूनतम 07 दर्ज रहने की संभावना है। वहीं, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 13 जनवरी को शिमला में अधिकतम तापमान 15 डिग्री और न्यूनतम 04 रहने की संभावना है।
कांगड़ा में आज अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम 04 दर्ज रहने की संभावना है। वहीं, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 13 जनवरी को कांगड़ा में अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम 04 रहने की संभावना है।
ऊना में आज अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम 03 दर्ज रहने की संभावना है। वहीं, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 13 जनवरी को ऊना में अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम 04 रहने की संभावना है।
वर्षा न होने के कारण फसलें प्रभावित
बारिश न होने के कारण किसान परेशान हैं। उनकी नम आंखें बूंदों का इंतजार कर रही हैं। पूरी जमीन में सूखा पड़ा हुआ है। सूखे के चलते किसानों और बागवानें की परेशानियां बढ़ गई है। सेब के बागीचों में जहां अभी तक चिलिंग प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई हैं, तो वहीं निचले क्षेत्रों में किसान गेहूं की फसल भी नहीं बीज पाए है। गेंहू बीजने के लिए नवंबर दिसंबर और जनवरी का पहला सप्ताह रहता है। इस दौरान प्रदेश में बारिश ही नहीं हुई है। ऐसे में किसान आसमान की तरफ देखते रहे, लेकिन बारिश की बूंद तक नहीं गिरी।
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