शिमला में भारी बारिश और भूस्खलन ने किया बेहाल: चार भवनों पर मंडराया खतरा, गाड़ियां क्षतिग्रस्त; सड़कें बंद
शिमला में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अपर लंबिधार-इंद्रनगर एंबुलेंस रोड बंद हो गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप है और एक वाहन भी चपेट में आया है।

शिमला में भूस्खलन के कारण खतरे में भवन। जागरण
HighLights
अपर लंबिधार-इंद्रनगर एंबुलेंस रोड भूस्खलन से बंद।
लैंडस्लाइड से चार घरों पर मंडराया खतरा, वाहन भी चपेट में।
शिमला में छह पेड़ गिरे, कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में रात से लगातार बारिश का दौर जारी है। शिमला में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अपर लंबिधार-इंद्रनगर एंबुलेंस रोड पूरी तरह से बंद हो गया है। लैंडस्लाइड की चपेट में एक वाहन भी आया है। सड़क बंद होने से स्कूल और कार्यालय जाने वाले लोगों को सुबह भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, लैंडस्लाइड से ऊपर की तरफ बने चार घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। भट्ठाकुफर में भूस्खलन के कारण दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
वाहनों की आवाजाही बंद
मंगलवार से हो रही भारी बारिश के कारण शिमला के अपर लंबिधार-इंदर नगर एंबुलेंस रोड पर अचानक लैंडस्लाइड हो गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ जाने के कारण यहां वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। लैंडस्लाइड की चपेट में एक वाहन भी आ गया।
भारी बारिश में गंभीर हो सकती है स्थिति
स्थानीय लोगों के मुताबिक लैंडस्लाइड के कारण सड़क के ऊपर बने चार घरों को भी खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में अगर जल्द सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।
राहत कार्य की मांग
रामनगर वेलफेयर सोसाइटी, लंबिधार-इंदर नगर की ओर से पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान और नगर निगम आयुक्त से सड़क से मलबा जल्द हटाने की मांग की गई है। साथ ही लैंडस्लाइड वाले स्थान पर जल्द रिटेनिंग वॉल यानी सुरक्षा दीवार लगाने का आग्रह किया गया है, ताकि ऊपर बने घरों को सुरक्षित किया जा सके।
शिमला में छह पेड़ गिरे; वाहन क्षतिग्रस्त
शिमला में दो दिन से लगातार हो रही वर्षा के बाद छोटा शिमला, समरहिल समेत अन्य क्षेत्रों में छह पेड़ गिरे हैं। पेड़ गिरने से कहीं वाहन इसकी चपेट में आए तो कहीं भवनों को खतरा पैदा हो गया। वर्षा के कारण जमीन में नमी बढ़ने से पेड़ों के गिरने का खतरा भी बढ़ गया है।
राज्य सचिवालय में एक पेड़ गिरा है और दूसरा पेड़ गिरने के कगार पर है। इसे गिराने का काम चला है। छोटा शिमला क्षेत्र में एक पेड़ गिरने से सड़क किनारे खड़ा वाहन चपेट में आ गया। इससे वाहन को नुकसान पहुंचा।
