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    शिमला शहर में क्यों हैं सील्ड व रिस्ट्रिक्टेड रोड, आजादी से पहले की व्यवस्था पर अब क्यों हुआ बवाल?

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 03 Jun 2026 11:38 AM (IST)

    शिमला में सील्ड रोड पर वाहनों के प्रतिबंध को लेकर अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके दौरान मंत्री की गाड़ी का भी चालान हुआ। यह कानून आजादी से पह ...और पढ़ें

    शिमला शहर में सील्ड रोड का लगा बोर्ड और दायें प्रदर्शन करते अधिवक्ता।

    शिमला शहर में सील्ड रोड का लगा बोर्ड और दायें प्रदर्शन करते अधिवक्ता।

    HighLights

    1. अधिवक्ताओं ने सील्ड रोड पर वाहन प्रतिबंध का विरोध किया।

    2. मंत्री विक्रमादित्य सिंह की गाड़ी का भी चालान कटा।

    3. सील्ड रोड कानून आजादी से पहले से लागू है।

    जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सील्ड रोड पर अधिवक्ताओं के वाहनों को प्रतिबंधित करने के फैसले पर मंगलवार को खूब बवाल हुआ। प्रदर्शन के दौरान जब सील्ड रोड पर लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह की गाड़ी आई तो अधिवक्ताओं ने पुलिस से जबरन उसका चालान करवाया। इसके बाद दो अधिकारियों के वाहनों पर भी जुर्माना लगाया गया। सील्ड रोड पर खूब हंगामा हुआ, लेकिन शिमला में सील्ड रोड कानून क्यों बनाया गया। यह कई लोगों के जहन में सवाल उठ रहा है। 

    आजादी से पहले तय हो गया था सील्ड रोड

    दरअसल, देश आजाद होने से पहले से शिमला के ऐतिहासिक मालरोड, रिज और अन्य पैदल क्षेत्रों को वाहनों के दबाव से बचाने के लिए सील्ड व रिस्ट्रिक्टेड रोड निर्धारित किए गए थे। शिमला रोड यूजर्स एंड पेडेस्ट्रियंस (पब्लिक सेफ्टी एंड कन्वीनियंस) एक्ट 2007 को सरकार ने सख्त बना दिया है। 

    कई सड़कों पर बिना परमिट वाहन चलाना प्रतिबंधित

    वर्ष 2008 से लागू इस कानून का उद्देश्य मालरोड की गरिमा और शहर की पारंपरिक पैदल संस्कृति को बनाए रखना है। अधिनियम के तहत शहर की कई सड़कों को सील्ड और रेस्ट्रिक्टेड रोड घोषित किया है, जहां बिना वैध पास या परमिट वाहन चलाना प्रतिबंधित है।

    अधिनियम में संशोधन कर बढ़ाया शुल्क

    हाल ही में राज्य सरकार द्वारा अधिनियम में संशोधन कर दंड और पास शुल्क में भारी बढ़ोतरी की गई है। नए प्रविधानों के अनुसार सील्ड रोड पर बिना पास वाहन चलाने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है, जबकि रिस्ट्रिक्टेड रोड पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना निर्धारित है। 

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    हाई कोर्ट ने की थी टिप्पणी

    हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने भी पिछले वर्ष टिप्पणी कर कहा था कि बड़ी संख्या में जारी किए जा रहे पास शिमला की पैदल संस्कृति को प्रभावित कर रहे हैं। अदालत ने सरकार को पास जारी करने और उनके नवीनीकरण में अधिक सावधानी बरतने के निर्देश दिए थे। 

    ये हैं शिमला की प्रमुख सील्ड व रिस्ट्रिक्टेड सड़कें

    शिमला क्लब से छोटा शिमला मार्ग, मालरोड का मुख्य पैदल व रिज क्षेत्र, रेलवे बोर्ड बिल्डिंग-सीटीओ-लिफ्ट क्षेत्र, विलो बैंक से मालरोड का प्रतिबंधित हिस्सा सील्ड सड़क में आता है। इसके अलावा शिमला की रिस्ट्रिक्टेड सड़कें यूएस क्लब व लक्कड़ बाजार क्षेत्र, लोअर बाजार, मिडिल बाजार और राम बाजार से मालरोड की ओर जाने वाले संपर्क मार्ग, कार्ट रोड से मालरोड क्षेत्र को जोड़ने वाले कई संपर्क मार्ग हैं। शिमला रोड यूजर्स एंड पेडेस्ट्रियंस एक्ट, 2007 को 26 फरवरी 2008 को लागू किया गया था। इसके उद्देश्य मालरोड व पैदल क्षेत्रों को वाहनों से सुरक्षित रखना था। वर्ष 2026 में इसमें संशोधन कर दंड व पास शुल्क में भारी बढ़ोतरी की गई है। 

    अब यह लगती है सील्ड व रिस्ट्रिक्टेड मार्ग की फीस

    सील्ड रोड पर वाहन ले जाने के लिए पहले एक वाहन की प्रतिवर्ष फीस 2500 रुपये थी जो अब बढ़ाकर 10 हजार रुपये की गई है। इसके अलावा रेस्ट्रिक्टेड रोड पहले वार्षिक पास फीस 1500 रुपये थी जो अब 5000 हजार कर दी गई है।

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