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    शिमला में पर्यटकों ने नियम तोड़े तो कार्रवाई तय, ये 5 रूल हर हाल में करने होंगे फॉलो, प्रशासन ने क्यों बरती सख्ती?

    By Rajesh SharmaEdited By: Rajesh Sharma
    Updated: Mon, 08 Dec 2025 02:21 PM (IST)

    शिमला में पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण प्रशासन सख्त हो गया है। कुफरी में सड़क सुरक्षा अभियान चलाया गया, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रव ...और पढ़ें

    शिमला के रिज मैदान पर घूमते सैलानी। जागरण आर्काइव

    शिमला के रिज मैदान पर घूमते सैलानी। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

    2. सड़क सुरक्षा अभियान कुफरी में आयोजित

    3. इंटरसेप्टर वाहनों से पुलिस की निगरानी

    जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला में पर्यटकों की भारी आमद के बीच प्रशासन और पुलिस अब जीरो टालरेंस मोड में आ गए हैं। उपायुक्त अनुपम कश्यप और पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी के नेतृत्व में कुफरी में आयोजित विशेष सड़क सुरक्षा अभियान ने साफ कर दिया कि मार्गों पर अव्यवस्था, तेज रफ्तार, सनरूफ पर खड़े होकर स्टंट करने और नशे में वाहन चलाने जैसी हरकतें अब सीधे दंडात्मक कार्रवाई की श्रेणी में आएगी।

    भीड़ बढ़ते ही सड़क सुरक्षा प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता बन गई है और इसी कड़ी में अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सीधे पर्यटकों से संवाद किया।

    प्रशासन क्यों बरत रहा सख्ती

    उपायुक्त ने साफ कहा कि शिमला में सर्दियों के कारण देश-विदेश से लाखों पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने अपील के साथ चेतावनी भी दी, सीट बेल्ट का उपयोग, निर्धारित गति सीमा, जरूरी दस्तावेज, नशा न करना और सनरूफ से बाहर न निकलें। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।

    परेशानी में तुरंत करें जिला प्रशासन से संपर्क

    उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता पर्यटकों की सुरक्षा है, इसलिए यदि कोई भी पर्यटक किसी परेशानी में हो तो तुरंत जिला प्रशासन से संपर्क करें। उपायुक्त ने दुर्घटनाओं के दौरान स्थानीय लोगों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वीडियो बनाने के बजाय घायल की मदद करना सबसे बड़ा मानवीय कर्तव्य है। ऐसी घटनाओं में सक्रिय सहयोग समाज के लिए मिसाल है।

    इंटरसेप्टर वाहन से भी नजर रख रही पुलिस

    एसपी संजीव गांधी ने बताया कि अभियान के दौरान हाई-टेक इंटरसेप्टर वाहनों का भी इस्तेमाल किया गया। विश्व बैंक की सहायता से खरीदे वाहनों ने सड़क सुरक्षा में पुलिस की क्षमता कई गुना बढ़ा दी है। इंटरसेप्टर वाहन से भी पुलिस नजर रख रही है। एसपी ने कहा कि इन वाहनों ने पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को बेहद सशक्त बनाया है। ट्रैफिक उल्लंघन हो या कोई आपराधिक गतिविधि, इंटरसेप्टर तुरंत अलर्ट कर देता है।

    खबरें और भी

    इंटरसेप्टर में शामिल अत्याधुनिक तकनीक

    • डेवलपर रडार से तेज रफ्तार वाहनों की तुरंत पहचान।
    • एल्को-सेंसर से मौके पर ही नशे का पता।
    • ब्लैक ग्लास डिटेक्शन सिस्टम से टिंटेड शीशों पर तुरंत कार्रवाई।
    • फ्लैशर डिटेक्टर से हाई बीम व फ्लैशर का गलत प्रयोग पकड़ा जा रहा है।
    • जीपीएस व सीसीटीवी कैमरे से रात में भी गश्त और सुबूत इकट्ठा करने की सुविधा।


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