यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Shimla Weather: मौसम की मार, किसान और बागवानी को 82 करोड़ का नुकसान; इस साल जून में भी पड़ रही ठंड
Shimla Weather शिमला में मौसम की मार ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। इसका सबसे ज्यादा असर फसलों पर पड़ा है। शिमला जिला में कृषि व बागवानी की फसलें मौस ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, शिमला: बेमौसमी बारिश व ठंड से इस बार खूब कहर मचाया। इसका सबसे ज्यादा असर फसलों पर पड़ा है। शिमला जिला में कृषि व बागवानी की फसलें मौसम की भेंट चढ़ गई है। राज्य आपदा प्रबंधन की ओर से सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।
शिमला जिला में सबसे ज्यादा नुकसान बागवानी क्षेत्र को हुआ है। कृषि व बागवानी को करीब 82 करोड़ का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार 59.34 करोड़ का नुकसान बागवानी क्षेत्र को हुआ है। जबकि 23.22 करोड़ का नुकसान कृषि क्षेत्र को हुआ है। जिला में कुल 85.64 करोड़ का नुकसान हुआ है।
बारिश से हुई फसलें खराब
रिपोर्ट के मुताबिक गेंहू सहित अन्य फसलें जब पूरी तरह पक चुकी थी उस समय काफी बारिश हुई। जिससे फसलें खराब हुई। शिमला जिला में स्टोन फ्रूट की फसल भी बारिश व मौसम की भेंट चढ़ गई है। स्टोन फ्रूट में जब से फूल पड़ा तब से ही बारिश का दौर जारी रहा।
अप्रैल महीने में तापमान बढ़ गया। इसके बाद फ्लावरिंग जल्दी शुरू हुई। इसके बाद बारिश व ओलावृष्टि से फूल ही झढ़ना शुरू हो गया। जिससे फलों की सैटिंग अच्छी नहीं हुई। चेरी, आड़ू, प्लम सहित अन्य स्टोन फ्रूट की फसलें औसत से भी कम हुई है।
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सेब की फसल पर भी मार
बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार इस बार सेब की फसल भी काफी कम है। कारण बेमोसमी बारिश व ठंड रहा है। बारिश व ओलावृष्टि की वजह से फल काफी कम लगा है। जहां पर फल है वहां पर अन्य बीमारियां हैं। जिसकी वजह से इस बार उत्पादन पर असर पड़ेगा।
चार दिन पहले बारिश से गोभी सहित अन्य फसले खेत में ही हुई खराब
चार दिन पहले भी शिमला के साथ लगते क्षेत्रों में जमकर ओलावृष्टि हुई थी। मशोबरा ब्लॉक के साथ लगते क्षेत्रों में इन दिनों नगदी फसलें जिनमें फुल गोभी, शिमला मिर्च सहित टमाटर तैयार है। ओलावृष्टि से गोभी व शिमला मिर्च की फसल पूरी तरह तबाह हो गई।