शिमला-मटौर फोरलेन पर बनेंगी 5 टनल, शालाघाट से आठ KM कम होगी दूरी; अलाइनमेंट में बदलाव
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना के शालाघाट से शिमला खंड पर तेजी से काम कर रहा है, जिसमें नए अलाइनमेंट पर औपचारिक ...और पढ़ें

शिमला मटौर फोरलेन का कार्य तेजी पकड़ेगा। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
शालाघाट-शिमला फोरलेन पर नया अलाइनमेंट तैयार।
दूरी 33 किमी से घटकर 25 किमी होगी।
यातायात सुगम बनाने को बनेंगी 5 सुरंगें।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने और शिमला तक के सफर को अधिक सुरक्षित व सुगम बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मटौर-शिमला फोरलेन परियोजना के कार्य को गति दे दी है। इस फोरलेन निर्माण का अधिकांश हिस्सा प्रगति पर है। इसी कड़ी में अब शालाघाट से शिमला के बीच नए अलाइनमेंट पर औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।
एनएचएआई ने इस महत्वपूर्ण चरण की अलाइनमेंट रिपोर्ट तैयार करने का काम कास्टा इंजीनियरिंग कंपनी को 5.34 करोड़ रुपये की लागत से आवंटित किया है। कंपनी को चालू वर्ष के दिसंबर माह तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट एनएचएआई को सौंपनी होगी।
8 किलोमीटर कम होगी दूरी
वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग-205 पर शालाघाट से शिमला के बीच का सफर लंबा और घुमावदार है। नया फोरलेन बनने से दोनों स्थानों के बीच की दूरी 33 किमी से घटकर लगभग 25 किलोमीटर शेष रह जाएगी, जिससे यात्रियों के समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी।
5 छोटी सुरंगें बनेंगी
प्रस्तावित अलाइनमेंट के अनुसार शालाघाट से शिमला की ओर आने वाला फोरलेन जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे के समीप से गुजरते हुए तारादेवी स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ेगा। पहाड़ियों की कठिन भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए और यातायात को निर्बाध रखने के उद्देश्य से इस मार्ग पर पांच छोटी सुरंगों का निर्माण भी किया जाएगा।
ट्रैफिक से मिलेगी राहत
इस परियोजना के पूरे होने से शिमला आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार ने एनएचएआइ से फोरलेन निर्माण की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ-साथ शालाघाट से शिमला तक होने वाले फोरलेन निर्माण की स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।
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मौजूदा एनएच-205 पर निर्मित नहीं होगा फोरलेन
शालाघाट से शिमला तक पहुंचने वाला मौजूदा एनएच-205 यथावत रहेगा। फोरलेन नए क्षेत्र से होकर शहर के साथ जुड़ेगा। शालाघाट से विधिक विश्वविद्यालय, घणाहट्टी, टुटू होते हुए फोरलेन का निर्माण दो साल पहले निरस्त हो चुका है, जबकि इस पूरे क्षेत्र में कई तरह का सर्वे हुआ था।
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