यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal: रोहतांग सहित इन इलाकों में हिमपात, आज कुछ स्थानों पर हो सकती है बारिश; IMD ने मौसम को लेकर दी ये जानकारी
हिमाचल (Himachal Weather) के कई हिस्सों में इस समय बर्फबारी हो रही है। रोहतांग शिंकुला और बारालाचा में चार इंच से आधा फीट तक हिमपात हुआ। जबकि कुछ स्थ ...और पढ़ें

HighLights
- चंबा, कांगड़ा, कुल्लू मंडी और शिमला में यलो अलर्ट।
- केलंग कुफरी सहित कई स्थानों हिमपात व वर्षा ने बढ़ाई ठंड।
- खेतों में पानी की निकासी करें किसान।
राज्य ब्यूरो, शिमला। प्रदेश में मंगलवार को रोहतांग दर्रा सहित कुंजम, शिंकुला व बारालाचा दर्रों में चार इंच से आधा फीट हिमपात (Snowfall in himachal) हुआ है। औट-सैंज राष्ट्रीय राजमार्ग फिर बाधित हो गया है। केलंग, नारकंडा व कुफरी सहित ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात हुआ। एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा हुई है।
चार एनएच सहित 312 सड़कें बंद
प्रदेश में न्यूनतम तापमान में एक से सात डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है, जबकि अधिकतम तापमान में एक से सात डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश में चार एनएच सहित 312 सड़कें बंद हैं। 89 ट्रांसफार्मर खराब होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित है। मौसम विभाग के अनुसार 28 फरवरी को ऊंचे क्षेत्रों में हिमपात व निचले क्षेत्रों में वर्षा हो सकती है।
चंबा, कांगड़ा, कुल्लू मंडी व शिमला जिला में आांधी व वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को दिन की शुरुआत बादलों के साथ हुई। अधिकतम तापमान में नारकंडा में 8.8 डिग्री, जबकि कुफरी में 7.5 और शिमला में 7.2 डिग्री की गिरावट आई है।
कहां कितना रहा तापमान
स्थान न्यूनतम अधिकतम
शिमला 4.5 8.0
सुंदरनगर 9.1 19.1
भुंतर 8.2 16.6
कल्पा 0.8 2.2
धर्मशाला 7.4 17.5
ऊना 9.6 24.4
नाहन 9.1 18.3
सोलन 5.2 16.8 (डिग्री सेल्सियस)
खेतों में पानी की निकासी करें किसान
सोलन में औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि वर्षा की संभावना है, ऐसे में खेतों में पानी खड़ा न होने दें, पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था करें। पशुओं को ठंड से बचाएं और उनके लिए उचित व्यवस्था करें। उनके लिए शेड तैयार करें।
खबरें और भी
रात को बछड़ों को कंबल या बोरी से ढक दें। दिन में धूप में बांधें। अखरोट, बादाम के पौधे लगाने के लिए गड्ढे कर लें। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ विज्ञानी डा. जेएस जांगड़ा ने किसानों व बागवानों को सलाह दी है कि मौसम देख कार्य करें।