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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himachal News: इस साल चार हजार जिला परिषद कर्मियों की दिवाली सूखी, नहीं मिला वेतन... जानें क्या है वजह?

By Yadvinder SharmaEdited By: Shoyeb Ahmed
Updated: Sat, 11 Nov 2023 08:23 PM (IST)

जिला परिषद के करीब चार हजार हड़ताली कर्मचारियों की इस साल वेतन ना मिलने की वजह से दिवाली सूखी ही रहेगी। वेतन को लेकर खंड विकास कार्यालयों को दो दिन पू ...और पढ़ें

चार हजार जिला परिषद कर्मियों को नहीं मिला वेतन (फाइल फोटो)
चार हजार जिला परिषद कर्मियों को नहीं मिला वेतन (फाइल फोटो)

HighLights

  1. जिला परिषद के हड़ताली कर्मी 22 दिनों तक रहे थे हड़ताल पर
  2. नो वर्क नो पे के तहत अर्जित अवकाश काटने के दिए गए आदेश
  3. जिनके पास अवकश नहीं कटेगा वेतन

राज्य ब्यूरो, शिमला। District Council Employee Salary: जिला परिषद के तहत सेवाएं प्रदान करने वाले करीब चार हजार हड़ताली कर्मचारियों की इस बार दिवाली सूखी ही रहेगी। इसका कारण ये है कि इन्हें वेतन नहीं मिल सका है। वेतन को लेकर खंड विकास कार्यालयों को निर्देश दो दिन पूर्व ही मिले।

जबकि कुछ में तो शुक्रवार को ही निर्देश पहुंचे और उसके बाद दो दिन का अवकाश था। ऐसे में वेतन जारी नहीं होने के चलते इन लोगों की दिवाली सूखी रही। सरकार द्वारा जारी निर्देशों के तहत हड़ताल के 22 दिनों का वेतन नहीं कटेगा। अर्जित अवकाश कटेगा और जिनके पास अर्जित अवकाश नहीं है उनका वेतन काटा जाएगा।

कर्मचारी विलय की मांग को लेकर थे हड़ताल पर 

जिला परिषद के तहत सेवाएं प्रदान करने वाले जेई, तकनीकी सहायकों के अलावा पंचायत सचिव व चौकीदार विभाग में विलय की मांग को लेकर हड़ताल पर थे। इन्हें दिवाली के के बाद वेतन जारी किया जाएगा। हड़ताल कर्मचारियों के वेतन को लेकर क्या किया जाए, इस संबंध में लिखित में सरकार से निर्देश मांगे गए थे और वेतन रोका गया था।

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कब से कब तक रहे हड़ताल पर

जिला परिषद के तहत सेवाएं प्रदान करने वाले कर्मचारियों ने विभाग में मर्जर करने की मांग को लेकर 29 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी और 21 अक्टूबर को हड़ताल को समाप्त करने का ऐलान किया गया था। 22 अक्टूबर को रविवार होने के कारण 23 अक्टूबर से कार्यभार संभाला था।

समिति फंड से जारी होता है वेतन

जिला परिषद के तहत सेवाएं प्रदान करने वाले कर्मचारियों का वेतन जिला कोषागार से जारी नहीं होता है। खंड विकास कार्यालयों द्वारा खोले गए खाते और ग्रांट-इन-एड व मनरेगा के तहत जारी होता है। जिला परिषद के तहत पंचायत सचिव, कनिष्ठ अभियंता, तकनीकी सहायक, चौकीदार व अन्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

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