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    हिमाचल को मेडिकल टूरिज्म हब से लेकर ईको फ्रेंडली माउंनटेन कॉरिडोर सहित क्या प्रोजेक्ट मिले, टैक्स से कितनी मिलेगी रकम?

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sun, 01 Feb 2026 02:24 PM (IST)

    केंद्रीय बजट 2026-27 में हिमाचल प्रदेश को ₹13,949.97 करोड़ टैक्स हिस्सेदारी मिलेगी। प्रदेश को मेडिकल टूरिज्म हब योजना और ₹10,000 करोड़ की बॉयो फार्मा ...और पढ़ें

    केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के लिए भी कई सौगात हैं।

    केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के लिए भी कई सौगात हैं।

    HighLights

    1. हिमाचल को टैक्स से ₹13,949.97 करोड़ मिलेंगे।

    2. मेडिकल टूरिज्म हब और बॉयो फार्मा शक्ति योजना।

    3. ईको-फ्रेंडली माउंटेन कॉरिडोर से पर्यटन को बढ़ावा।

    जागरण संवाददाता, शिमला। केंद्र सरकार के 2026-27 के बजट में हिमाचल प्रदेश के लिए कई सौगात हैं। हिमाचल प्रदेश को टैक्स से ₹13,949.97 करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं, हिमाचल प्रदेश को मेडिकल टूरिज्म हब योजना में शामिल किया जाएगा। बॉयो फार्मा शक्ति प्रोजेक्ट योजना से हिमाचल प्रदेश के मेडिसिन उद्योग का विकास होगा। 

    हिमाचल भाजपा अध्यक्ष ने बताया विकास का रोडमैप

    भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने केंद्रीय आम बजट 2026 को देश को आत्मनिर्भरता, समावेशी विकास और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर ले जाने वाला बताया है। डॉ. बिंदल ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट केवल आर्थिक आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का रोडमैप है, जो निवेश, उद्योग, रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और आम नागरिकों की आकांक्षाओं को केंद्र में रखता है।

    हिमाचल को टैक्स से मिलेंगे ₹13,949.97 करोड़ रुपये

    डॉ. बिंदल ने विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश के संदर्भ में कहा कि बजट 2026-27 प्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। केंद्र सरकार के करों में हिमाचल प्रदेश को 1.217% हिस्सेदारी के अंतर्गत कुल ₹13,949.97 करोड़ की राशि प्राप्त होगी। यह आवंटन राज्य में विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास तथा अधोसंरचना परियोजनाओं को नई गति प्रदान करेगा।

    ईको फ्रेंडली माउंनटेन कॉरिडोर

    उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्यों के लिए बजट में विशेष ध्यान रखा गया है। वित्त मंत्री ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पर्यावरण-संवेदनशील पर्वतीय मार्ग (ईको फ्रेंडली माउंनटेन कॉरिडोर) विकसित करने की घोषणा की है, जिससे हिमाचल में पर्यटन, कनेक्टिविटी और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

    पर्यटन और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजनाएं हिमाचल जैसे पर्यटन-प्रधान राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। होटल, होमस्टे, इको-टूरिज्म और स्थानीय उत्पादों को इससे प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

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    मेडिकल टूरिज्म हब योजना

    डॉ. बिंदल ने कहा कि बजट में घोषित मेडिकल टूरिज्म हब योजना से हिमाचल प्रदेश को वेलनेस और स्वास्थ्य पर्यटन के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं मिलेंगी। साथ ही आयुष सेक्टर को मजबूती देते हुए नए आयुर्वेद संस्थानों, फार्मेसियों और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं के अपग्रेडेशन की घोषणा हिमाचल के लिए विशेष अवसर हैं, क्योंकि प्रदेश औषधीय पौधों और पारंपरिक चिकित्सा का केंद्र रहा है।

    बॉयो फार्मा शक्ति प्रोजेक्ट योजना

    प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ₹10,000 करोड़ की बॉयो फार्मा शक्ति प्रोजेक्ट योजना हिमाचल के फार्मा उद्योग के लिए वरदान सिद्ध होगी। बद्दी-सोलन क्षेत्र पहले ही देश के बड़े फार्मा हब के रूप में स्थापित है और इस योजना से निवेश, रोजगार और उत्पादन को नई गति मिलेगी। 

    एमएसएमई क्षेत्र को ट्रेड के जरिए ₹7 लाख करोड़ से अधिक फंडिंग का प्रावधान हिमाचल के छोटे उद्योगों, फूड प्रोसेसिंग, स्थानीय उद्यमियों और स्टार्टअप्स को मजबूती देगा।

    चार शहरों को लाभ

    डॉ. बिंदल ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए सरकार ने पूंजीगत व्यय को रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, फ्रेट कॉरिडोर, जलमार्ग विकास तथा ₹20,000 करोड़ की कार्बन कैप्चर योजना भारत को ग्रीन ग्रोथ की ओर अग्रसर करेगी। टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का लाभ हिमाचल के शिमला, मंडी, सोलन, कांगड़ा जैसे शहरों को भी मिलेगा।

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