विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'जिन्हें कानून और कलम का इल्म, उन्हें चिल्लाने की जरूरत नहीं', कंगना के तेवरों पर विक्रमादित्य सिंह का तंज

By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 07 Sep 2026 04:28 PM (IST)

मंडी में अधिकारियों को फटकार लगाने के कंगना रनौत के अंदाज पर सियासी गरमाहट बढ़ गई है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बिना नाम लिए कंगना पर तंज कसा।

मंडी की सांसद कंगना रनौत और हिमाचल के पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह। जागरण आर्काइव

मंडी की सांसद कंगना रनौत और हिमाचल के पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. मंडी में अधिकारियों को कंगना रनौत की फटकार ने गरमाई सियासत।

  2. विक्रमादित्य सिंह ने कंगना के तेवरों पर बिना नाम लिए कसा तंज।

  3. मंत्री ने कहा, प्रशासन शांत और कठोर फैसलों से चलता है।

राज्य ब्यूरो, शिमला। मंडी में अधिकारियों को फटकार लगाने के सांसद कंगना रनौत के अंदाज ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। अब लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बिना नाम लिए कंगना पर सियासी निशाना साधा है। उन्होंने अपने आधिकारिक वाट्सएप ग्रुप में एक पोस्टर साझा कर अधिकारियों से संवाद और प्रशासन चलाने के तरीके पर सवाल उठाए।

उन्होंने लिखा कि कानून और कलम की ताकत रखने वालों को अपनी बात मनवाने के लिए आवाज ऊंची करने की जरूरत नहीं होती। ‘कलम की स्याही ही काफी होती है।’ 

विक्रमादित्य सिंह की ओर से साझा पोस्टर में लिखा गया है, "जिन्हें कलम की ताकत और कानून का इल्म होता है, उन्हें चिल्लाकर अपमान करने की कभी आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि आवाज ऊंची करने से आदेश सख्त नहीं बनते, कलम की एक स्याही ही काफी होती है।"

गूंजती आवास से नहीं शांत व कठोर फैसलों से चलता है प्रशासन

पोस्ट में आगे कहा गया है कि प्रशासन गूंजती आवाजों से नहीं, बल्कि शांत और कठोर फैसलों से चलता है। जहां कलम की धमक होती है, वहां चीखने-चिल्लाने की जरूरत नहीं पड़ती। पोस्ट में संविधान का उल्लेख भी किया गया है।

दिशा बैठक के बाद सियासी वार-पलटवार

विक्रमादित्य सिंह की यह पोस्ट शनिवार को मंडी में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के बाद सामने आई है। बैठक में कंगना रनौत ने विकास कार्यों और सांसद निधि से जुड़े मामलों में देरी को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा था। कामकाज की रफ्तार और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उन्होंने नाराजगी भी जताई थी। 

बैठक के दौरान अधिकारियों को फटकार लगाने का कंगना का अंदाज इंटरनेट मीडिया पर चर्चा में रहा। इसी सियासी माहौल के बीच विक्रमादित्य सिंह की पोस्ट ने मामले को और तूल दे दिया है। पोस्ट में भले ही कंगना का नाम नहीं है, लेकिन समय और घटनाक्रम को देखते हुए इसे उनके तेवरों पर परोक्ष राजनीतिक कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है।

2024 चुनाव में आमने-सामने थे दोनों

विक्रमादित्य सिंह और कंगना रनौत के बीच राजनीतिक टकराव नया नहीं है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में मंडी संसदीय सीट पर दोनों आमने-सामने थे। कंगना ने विक्रमादित्य सिंह को पराजित कर चुनाव जीता था। इसके बाद भी दोनों नेता समय-समय पर एक-दूसरे पर राजनीतिक टिप्पणियां करते रहे हैं।

यह भी पढ़ें: 'नशे की खुलेआम बिक्री पुलिस-प्रशासन की बड़ी नाकामी', कंगना रनौत को फिर आया गुस्सा; बोलीं- संपत्ति जब्त करो इनकी