हिमाचल में पंचायत चुनाव की सरगर्मी के बीच सिरमौर के माटल बखोग में निर्विरोध चुन लिए प्रधान व उपप्रधान
हिमाचल के सिरमौर जिले की माटल बखोग पंचायत निर्विरोध चुनी गई है, जो राजगढ़ विकास खंड की पहली और जिले की छठी पंचायत बनी है। ग्रामीणों ने आपसी प्रेम और स ...और पढ़ें

सिरमौर की माटल बखोग पंचायत में जनप्रतिनिधि निर्विरोध चुन लिए गए। जागरण
HighLights
माटल बखोग पंचायत में प्रधान-उपप्रधान निर्विरोध चुने गए।
निशा कुमारी प्रधान, प्रवीण कंवर उपप्रधान बने सर्वसम्मति से।
आपसी प्रेम, सौहार्द की अनोखी मिसाल पेश की गई।
जागरण संवाददाता, नाहन। हिमाचल पंचायत चुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज है। इस बीच जिला सिरमौर में सर्वसम्मति व निर्विरोध पंचायत को चुने जाने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी सिलसिले में वीरवार को राजगढ़ विकास खंड की पहली तथा सिरमौर की छठी पंचायत के रूप में माटल बखोग निर्विरोध चुनी गई। विकास खंड राजगढ़ की माटल बखोग पंचायत ने आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे की अनोखी मिसाल पेश की है।
निशा कुमारी को चुना प्रधान
पंचायत के लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए सभी पदों पर निर्विरोध चयन कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और सहमति आधारित रूप दिया है। प्रधान पद के लिए निशा कुमारी, उपप्रधान पद के लिए प्रवीण कंवर तथा वार्ड सदस्य पदों के लिए शील ठाकुर, सुनीता, ज्योति, सोहन सिंह और कृष्णा देवी को निर्विरोध चुना गया।
एकता और आपसी विश्वास का मजबूत संदेश
ग्रामीणों की इस सहमति से न केवल चुनावी खर्च और प्रतिस्पर्धा से बचाव हुआ है, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक एकता और आपसी विश्वास का मजबूत संदेश भी गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्णय विकास और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया, जिससे पंचायत में राजनीतिक टकराव के बजाय सामूहिक विकास को प्राथमिकता दी जा सके।
पूरी पंचायत के निर्विरोध चुने जाने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है और इसे अन्य पंचायतों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। माटल बखोग पंचायत का निर्विरोध चयन की यह पहल न केवल चुनावी खर्च और विवादों से बचाव का संदेश देती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सामूहिक सहमति से विकास की राह और अधिक मजबूत व प्रभावी बनती है।
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ये पंचायतें भी निर्विरोध चुनी
ऐसी मिसालें अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं, जो राजनीति से ऊपर उठकर जनहित और एकता को प्राथमिकता देने का संदेश देती हैं। इससे पहले जिला सिरमौर की टटियाना, दाड़ो देवरिया, शीना, शरली व द्राबिल पंचायत भी निर्विरोध चुनी जा चुकी हैं।