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    हिमाचल के परवाणू शहर की हवा बेहद स्वच्छ, सर्वेक्षण में देशभर में दूसरा स्थान, 7 बिंदुओं में जानिए कैसे पाई सफलता

    Updated: Wed, 10 Sep 2025 11:47 AM (IST)

    Himachal Pradesh Clean Air City हिमाचल प्रदेश के परवाणू शहर ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। तीन लाख से कम आबा ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश का जिला सोलन में स्थित परवाणू शहर। जागरण
    हिमाचल प्रदेश का जिला सोलन में स्थित परवाणू शहर। जागरण

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन के परवाणू शहर ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2025 में देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है। तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में 25 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया। इसी श्रेणी में मध्य प्रदेश के देवास ने प्रथम स्थान हासिल किया है।

    50 से 101 के बीच वायु स्वच्छता सूचकांक

    स्वच्छता सर्वेक्षण का उद्देश्य प्रदूषित शहरों को स्वच्छ बनाना और औद्योगिकीकरण के बावजूद स्वच्छता को बेहतर करना है। प्रदेश के सात शहरों का वायु स्वच्छता सूचकांक जहां अधिकतर दिनों में 101 से 201 तक रहता था वह अब अधिकतम दिनों में 50 से 101 के बीच यानी अच्छा और संतोषजनक पाया जाता है।

    मुख्यमंत्री ने दी बधाई

    मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस उपलब्धि के लिए सबको बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सभी शहरों की स्वच्छता को बेहतर बनाया जाएगा। 

    वर्ष 2022 में आरंभ किया था पहला स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार

    पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने वर्ष 2016 से 18 के दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक के आधार पर देशभर के प्रदूषित शहरों की सूची जारी की थी। हिमाचल के सात शहरों को प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल किया था। वर्ष 2022 में पहला स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार आरंभ किया ताकि इन शहरों की वायु को स्वच्छ बनाया जा सके। 

    कैसे मिली सफलता

    1. परवाणू ने गत वर्षों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिनकी बदौलत वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आई।
    2. सड़कों पर एंड-टू-एंड पेविंग और मैकेनिकल स्वीपिंग।
    3. पुरानी डंपिंग साइट की बायोरेमेडिएशन और नागर वाटिका का निर्माण।
    4. निर्माण एवं ध्वंस अपशिष्ट का व्यवस्थित प्रबंधन।
    5. हरित क्षेत्र विकास और पौधारोपण।
    6. स्वच्छ ईंधन उद्योगों के प्रदूषण को कम करना।
    7. इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना।

    स्वच्छता सर्वेक्षण-2025 में सात शहरों की स्थिति

    • शहर    कुल अंक    देश में स्थान
    • परवाणू    191.5    2
    • नालागढ़    187.2    6
    • बद्दी    183.3    10
    • पांवटा साहिब    181.5    12
    • डमटाल    169.6    22
    • सुंदरनगर    168.7    24
    • काला अंब    166    27

    तीन राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार के लिए प्रदेश के बेहतर शहर

    • वर्ष    शहर    देश में स्थान
    • 2022    सुंदरनगर    दूसरा
    • 2022    नालागढ़    तीसरा
    • 2023    परवाणू    पहला
    • 2023    काला अंब    दूसरा
    • 2024    नालागढ़    तीसरा 

    ये है एक्यूआइ का मापदंड 

    • 0-50 अच्छा
    • 51-100 संतोषजनक
    • 101-200 मध्यम
    • 201-300 खराब
    • 301-400 बहुत खराब
    • 400 से अधिक गंभीर

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