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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Himachal में बनी 24 दवाएं गुणवत्ताहीन, देशभर की 61 दवाओं के सैंपल फेल; स्टॉक वापस मंगवाने का आदेश

    By Suneel Kumar SharmaEdited By: Mohammad Sameer
    Updated: Tue, 21 Nov 2023 05:00 AM (IST)

    उत्तराखंड में निर्मित 11 दवाओं के सैंपल भी फेल हुए हैं। झारखंड उत्तर प्रदेश गुजरात हरियाणा बंगाल जम्मू कश्मीर गुजरात महाराष्ट्र तमिलनाडु दिल्ली कर्नाट ...और पढ़ें

    Himachal में बनी 24 दवाएं गुणवत्ताहीन (प्रतीकात्मक फोटो)
    Himachal में बनी 24 दवाएं गुणवत्ताहीन (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. पेट दर्द, गैस, हड्डियों की मजबूती, बुखार, गठिया के उपचार में होता है प्रयोग
    2. प्रदेश के 17 उद्योगों में बनी 24 दवाएं गुणवत्ताहीन

    जागरण संवाददाता, बीबीएन (सोलन)। पेट दर्द, गैस, हड्डियों की मजबूती, बुखार, स्किन केयर व गठिया के उपचार की दवाओं सहित देशभर में उत्पादित 61 दवाओं की गुणवत्ता को खराब पाया गया है। इनमें 24 दवाओं का उत्पादन हिमाचल के 17 फार्मा उद्योगों में किया गया है।

    केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की जांच में इसके सैंपल फेल हुए हैं। सीडीएससीओ ने अक्टूबर में देशभर से 1105 सैंपल लिए थे। राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाह ने बताया कि जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें अधिकतर नए उद्योग हैं।

    दवाओं के बैच वापस मंगवाने का आदेश

    मेडिकल स्टोर में मौजूद इन दवाओं के बैच वापस मंगवाने का आदेश दिया है।  साफ्ट टच फार्मा वाकनाघाट सोलन की अमौक्सलीन पोटाशियम, बोंसाई फार्मा किशनपुरा बद्दी की दवा फुलकोना जोल मानकों पर खरी नहीं उतरी है। एफी पेरेंटल बद्दी के पांच दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं।

    इनमें टिकेसाइक्लिन, मैडी बोरिन इंजेक्शन, अमौक्सलीन 200एमजी, विटामिन डी3 व साफ्टजिलाटिन कैप्शूल शामिल हैं। उपकार फार्मा सिरमौर की दवा पेनफ्री टेबलेट, एलवी लाइफ साइंस बद्दी की दवा कैलिमेड टेबलेट, हीलर लैब यूनिट बद्दी की ग्लिमप्राइड व पेंटाप्रोजेाल का सैंपल फेल हुआ है।

    खबरें और भी

    हेल्थ बायोटेक लिमिटेड बद्दी की सोसबैंको इंजेक्शन, मेडिलाइफ हेल्थ पांवटा साहिब सिरमौर की एडरन इंजेक्शन, सामयान हेल्थकेयर बद्दी के तीन सैंपल सिगाफिनेक, टोसकोफ सिरप व डेरमा आरएक्स क्रीम, सिंबायसिज फार्मा सिरमौर की एमिगोज 100 इंजेक्शन, डीएम फार्मा बद्दी की दवा एटाकोक्स टेबलेट, सार बायोटेक बद्दी की ग्लेसरीन आइपी, स्काट ऐडिल फार्मा झाड़माजरी पैरासिटामोल 500एमजी, फार्मा रूट्स हेल्थकेयर बरोटीवाला की दवा एमलोमार्ट 5एमजी, एरिओन हेल्थकेयर किशनपुरा की दवा न्यूरोसीन प्लस 2एमएल इंजेक्शन, मैक्सटर बायोजेनिक्स नालागढ़ की एलबेंडाजोल टेबलेट और एसपो फार्मा बद्दी की रैनप्योर संस्पेंशन 10एमजी टेबलेट गुणवत्ता पर खरी नहीं उतरी है।

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    इसके अलावा उत्तराखंड में निर्मित 11 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। झारखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, बंगाल, जम्मू कश्मीर, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, कर्नाटक, पंजाब के उद्योगों में निर्मित दवाओं की गुणवत्ता भी सही नहीं पाई गई है।