IIM छात्र मौत मामले में SIT गठित, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
आईआईएम सिरमौर के छात्र प्रारब्ध शुक्ला की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने परिवार की मांग पर एसआईटी का गठन किया है।
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आईआईएम के छात्र मौत मामले में एसआईटी गठित।
HighLights
आईआईएम सिरमौर छात्र प्रारब्ध शुक्ला की मौत की जांच के लिए एसआईटी
परिवार ने संस्थान पर लापरवाही और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए
पुलिस अधीक्षक ने निष्पक्ष और गहन जांच का आश्वासन दिया
जागरण संवाददाता, नाहन। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) सिरमौर के धौलाकुआं स्थित परिसर में बीएमएस तृतीय वर्ष के छात्र प्रारब्ध शुक्ला की मौत मामले में पुलिस ने स्वजन की मांग के बाद एसआईटी का गठन कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी ने बताया कि एसआईटी के प्रमुख डीएसपी पांवटा साहिब मानवेंद्र ठाकुर होंगे। उनकी टीम में एसएचओ माजरा कुलदीप सिंह, जांच अधिकारी एएसआइ आशीष कुमार, एचसी इंद्रजीत, एचसी रोहित (प्रभारी साइबर सेल नाहन), एचसी कमाल खान व आरक्षी अशोक कुमार सदस्य होंगे। एसआईटी वैज्ञानिक, निष्पक्ष व गहन जांच करेगी।
शिकायतों व संस्थान के रवैये की भी गहनता से जांच की जाएगी। पुलिस थाना माजरा में अनुपम शुक्ला निवासी जबलपुर मध्यप्रदेश ने बेटे प्रारब्ध शुक्ला संदिग्ध मृत्यु के संबंध में लापरवाही, सूचना छिपाने, अपर्याप्त निगरानी तथा साथी छात्रों/प्रशासन द्वारा धमकाने व मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
आईआईएम सिरमौर के धौलाकुआं स्थित कैंपस परिसर के हास्टल में 21 अगस्त को बीएमएस (बैचलर आफ मैनेजमेंट स्टडीज) तृतीय वर्ष के छात्र प्रारब्ध शुक्ला निवासी डाकघर जबलपुर सिटी बी48 डुबन एयरपोर्ट रोड जबलपुर (मध्य प्रदेश) ने आत्महत्या कर ली थी।
पांवटा साहिब व नाहन में पत्रकारों से बातचीत में प्रारब्ध के पिता अनुपम शुक्ला व चाचा श्याम शुक्ला ने बताया कि प्रारब्ध ने आत्महत्या से तीन दिन पहले जब कलाई काटकर सुसाइड का प्रयास किया, तो उसकी जानकारी पुलिस तथा स्वजन को क्यों नहीं दी गई। जब प्रारब्ध पेपर देने नहीं पहुंचा, तो उसकी जांच भी नहीं की गई। जब वह पुलिस के साथ बेटे के हास्टल के कमरे में पहुंचे, तो वहां न तो डस्टबिन मिला तथा न ही अन्य समान मिला।
जिस चुनी से सुसाइड का जिक्र है, आखिर वह चुनी कहां से आई। अस्पताल से पुलिस को आत्महत्या की जानकारी मिली। उनके बेटे के हाथ, पैर व सिर पर चोटों के निशान थे। वह इस घटना की जानकारी हिमाचल के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, मानव संसाधन विकास मंत्रालय नई दिल्ली तथा पीएमओ को भी भेजेंगे। अनुपम शुक्ला ने बताया कि 2025 में कुछ छात्रों ने उनके बेटे के साथ झगड़ा किया था। उसके बाद से आईआईएम प्रबंधन ने मामला दबाया तथा उनके बेटे के साथ ठीक व्यवहार नहीं कर रहे थे।
