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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भगवान शिव जी पर 'आपत्तिजनक' टिप्पणी करने वाले डॉक्टर पर बड़ी कार्रवाई, HC ने खारिज की अग्रिम जमानत

By Jagran NewsEdited By: Gurpreet Cheema
Updated: Tue, 25 Jul 2023 02:19 PM (IST)

Objectionable comment Lord Shiva case हिमाचल प्रदेश के रहने वाले एक डॉक्टर ने हाल ही में भगवान शिव को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिसक ...और पढ़ें

भगवान शिव पर आपत्तिजनक कमेंट करने वाला डॉक्टर गिरफ्तार
भगवान शिव पर आपत्तिजनक कमेंट करने वाला डॉक्टर गिरफ्तार

ऊना, संवाद सहयोगी। Objectionable comment on Lord Shiva case: हिंदुओं के आराध्य भगवान भोले शंकर पर सोशल मीडिया में अभद्र टिप्पणी करने वाले डॉक्टर की हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद सदर पुलिस ने कार्रवाई की है।

सदर पुलिस ने सोमवार देर रात आरोपित डाक्टर ईशान अख्तर को उसके रक्कड कालोनी स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, हिंदू एकता मंच के संयोजक चंदन शर्मा ने अदालत के इस निर्णय को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि आरोपित को सजा दिलाने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि सत्य की जीत हुई है। सनातन धर्म पर अंगुली उठाने वालों का यही परिणाम होना था, उन्होंने इस संघर्ष से जुड़े सभी हिंदू एकता मंच के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म के खिलाफ बोलने वालों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा चाहे वह किसी भी धर्म का क्यों ना हो।

उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे शांत प्रदेश में अशांति फैलाने का एक विशेष समुदाय का यह सोचा समझा षड्यंत्र है, जिसके तहत ऐसे लोग हिंदू देवी देवताओं के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और देव भूमि हिमाचल के शांत माहौल को बिगाड़ने का कार्य कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने हिंदुओं के पक्ष में यह फैसला सुना कर हमारी आस्था और विश्वास को और सुदृढ़ किया है।

क्या था पूरा मामला

तीन जून को सोशल मीडिया पर भगवान शिव जी के खिलाफ डॉक्टर नदीम अख्तर ने आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। जिस पर हिंदू संगठन भड़क उठे और मेहतपुर पुलिस थाने में आरोपित डॉक्टर नदीम अख्तर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी।

वहीं, आरोपित डॉक्टर अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट चला गया। जहां पर 16 जून को अदालत ने उसे 26 जून तक अग्रिम जमानत दे दी। इसके बाद 26 जून को सुनवाई के दौरान अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया। आज करीब एक माह के दौरान अदालत ने फैसला सुनाते हुए आरोपित डॉक्टर नदीम अख्तर की जमानत रद्द कर दी है।