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    ऊना में बढ़ रहा नशा तस्करों का कारोबार?  2024-25 के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

    Updated: Fri, 26 Dec 2025 04:21 PM (IST)

    ऊना जिले में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के बीच वर्ष 2024 और 2025 के थाना-वार आंकड़ों की तुलना सवाल खड़े करती है। मामलों की संख्या लगभग समान है, ले ...और पढ़ें

    बढ़ रहा नशा तस्करों का कारोबार (प्रतिकात्मक तस्वीर)

    बढ़ रहा नशा तस्करों का कारोबार (प्रतिकात्मक तस्वीर)

    जागरण संवाददाता, गगरेट। ऊना जिले में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और 2024-25 के थाना-वार आंकड़े कई सवाल खड़े कर रहे हैं। दोनों वर्षों में मामलों की संख्या लगभग समान रही, लेकिन नशीले पदार्थों की मात्रा में बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि नशे का नेटवर्क अब भी पूरी तरह ध्वस्त नहीं हुआ है।

    क्या कहते हैं आंकडे?

    थाना-वार आंकड़ों के अनुसार, जिले में वर्ष 2024 में कुल 105 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 168 आरोपी गिरफ्तार हुए। वहीं वर्ष 2025 में अब तक 103 मामले दर्ज हुए हैं और 156 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। दोनों वर्षों में करीब-करीब सब कुछ समान रहा, बस पकड़ी गई खेप की मात्रा बढ़ गई है। 

    ऐसे में यह कहना बिल्कुल गलत होगा कि नशे का कारोबार नियंत्रण में आया है, बल्कि अब तो खेप बढ़ रही है। यह घटना बताती है कि चिट्टे का साम्राज्य कम होने की बजाय बढ़ रहा है। 

    चिट्टा पकड़ने में कौन आगे?

    चिट्टा पकड़ने के मामलों में पिछले साल थाना गगरेट नंबर वन पर था, लेकिन इस बार सदर थाना ऊना ने सबसे ज्यादा नशीले पदार्थ की बरामदगी की है। वहीं, चिंतपूर्णी थाना में पिछले वर्ष भी सबसे कम मामलें पकड़े और इस वर्ष भी पिछड़ गया है।

    • ऊना सदर थाना: वर्ष 2024 में ऊना सदर में 21 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 27 हो गई। चिट्टे की बरामदगी भी 146.710 ग्राम से बढ़कर 163.827 ग्राम पहुंच गई है, जिससे यह थाना क्षेत्र नशे का बड़ा केंद्र बना हुआ है।

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    • गगरेट थाना: गगरेट में 2024 में 22 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में घटकर 19 रह गए। हालांकि, चिट्टे की बरामदगी 117.711 ग्राम से बढ़कर 208.896 ग्राम हो गई। यह संकेत देता है कि मामलों की संख्या कम हुई, लेकिन तस्करी का स्तर ऊंचा हुआ है।

    • हरोली थाना: हरोली में 2024 में 11 मामले सामने आए थे, जबकि 2025 में 12 मामले दर्ज किए गए। चिट्टे की मात्रा में गिरावट आई है, लेकिन पोस्त भूसा व अन्य नशीले पदार्थों की बरामदगी बढ़ी है।
    • अम्ब थाना: अम्ब थाना क्षेत्र में 2024 में 19 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2025 में यह घटकर 16 रह गए। चिट्टे की बरामदगी 157.629 ग्राम से घटकर 113.898 ग्राम हुई है, मगर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं कही जा सकती।
    • मेहतपुर थाना: मेहतपुर थाना क्षेत्र में दोनों वर्षों में 12-12 मामले दर्ज हुए हैं। लगातार दो वर्षों तक एक-सा आंकड़ा यह दर्शाता है कि यहां नशे के खिलाफ कार्रवाई का असर सीमित रहा।
    • चिंतपूर्णी थाना:चिंतपूर्णी थाना में 2024 में 4 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2025 में यह संख्या घटकर 3 रह गई। इसके बावजूद चिट्टे की बरामदगी 19.242 ग्राम से बढ़कर 43.187 ग्राम हो गई, जो चिंता बढ़ाने वाला है।
    • बंगाणा थाना: बंगाणा थाना क्षेत्र में 2024 में 6 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2025 में यह घटकर 5 रह गए। चिट्टे की बरामदगी 18.220 ग्राम से घटकर 8.160 ग्राम हुई है। हालांकि, चरस व अन्य नशीले पदार्थों की मौजूदगी यहां भी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है।

    'पुलिस की सतर्कता से पकड़ा जा रहा नशा'

    इस मामले में ऊना के एएसपी संजीव भाटिया ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर तरह से नशे के मामलों को पकड़ने की कोशिश कर रही है। नशे के ज्यादा मामलें पकड़े जाने का अर्थ यह नही है कि नशे की बढ़ोतरी हुई है, बल्कि पुलिस ने संजीदगी से कार्य किया है। इसलिए मामलें ज्यादा पकड़े जा रहे है।