आपकी प्लेट में असली पनीर या एनालाग? अब छिपाना पड़ेगा महंगा, मेन्यू से लेकर बिल तक बतानी होगी पूरी सच्चाई
हिमाचल प्रदेश खाद्य सुरक्षा विभाग ने होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को एनालाग पनीर या चीज के उपयोग की जानकारी मेन्यू, बिल और डिस्प्ले बोर्ड पर देना अनिवार् ...और पढ़ें

हिमाचल में अब असली और एनालाग पनीर की सच्चाई बतानी होगी। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
एनालाग पनीर के उपयोग की जानकारी देना अनिवार्य।
मेन्यू, बिल और डिस्प्ले बोर्ड पर देनी होगी सूचना।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई।
राकेश सूरज, ऊना। रेस्टोरेंट में पनीर टिक्का ऑर्डर करते समय क्या ग्राहक यह जान पाता है कि उसकी प्लेट में परोसा गया पनीर वास्तव में दूध से बना है या फिर वनस्पति वसा और अन्य सामग्री से तैयार एनालाग पनीर है? अब यह जानकारी छिपाना महंगा पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश खाद्य सुरक्षा विभाग ने होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों, कैटरर्स और फास्ट फूड प्रतिष्ठानों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि वे एनालाग पनीर या चीज का उपयोग करते हैं तो इसकी जानकारी मेन्यू कार्ड, बिल और डिस्प्ले बोर्ड पर प्रमुखता से देनी होगी।
बरसात के मौसम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट और संक्रमण के बढ़ते जोखिम को देखते हुए विभाग ने यह कदम उठाया है। खाद्य एवं सुरक्षा कार्यालय की ओर से जिला ऊना में विभिन्न व्यापार मंडलों को निर्देश जारी कर कारोबारियों तक यह संदेश पहुंचाने को कहा गया है।
सामान्य डेयरी पनीर के नाम पर बेचा जा रहा
विभाग के अनुसार कई स्थानों पर एनालाग पनीर का उपयोग कर तैयार खाद्य पदार्थों को सामान्य डेयरी पनीर के नाम पर बेचा जा रहा है। ऐसे में ग्राहक यह नहीं जान पाता कि वह किस प्रकार का उत्पाद खरीद रहा है। विभाग का मानना है कि खाद्य पदार्थों के बारे में सही जानकारी प्राप्त करना उपभोक्ता का अधिकार है और पारदर्शिता सुनिश्चित करना व्यवसायियों की जिम्मेदारी। पहले जागरूकता, फिर निरीक्षण और सैंपलिंग भी की जाएगी।
ये होता है एनालाग पनीर
एनालाग पनीर दूध से बने पारंपरिक पनीर का विकल्प होता है। इसे वनस्पति वसा, स्टार्च, इमल्सीफायर व अन्य अनुमत सामग्री से तैयार किया जाता है। यह खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत वैध उत्पाद है, लेकिन इसका उपयोग होने पर ग्राहकों को स्पष्ट जानकारी देना अनिवार्य है।
विभाग का मुख्य उद्देश्य लोगों और खाद्य कारोबारियों को जागरूक करना है। होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और फास्ट फूड संचालकों के साथ-साथ कर्मचारियों को भी नियमों की जानकारी दी जा रही है।यदि कोई प्रतिष्ठान नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ जुर्माना सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-जगदीश धीमान, खाद्य आपूर्ति उपनिदेशक।
क्या कहते हैं व्यापार मंडल अध्यक्ष
ऐसे खाद्य उत्पादों की ग्राहकों को पारदर्शिता के साथ जानकारी देनी चाहिए। आपकी थाली में क्या परोसा गया है, उपभोक्ता को यह जानने का अधिकार है। विभागीय निर्देशों पर व्यापार मंडल जागरूकता अभियान में सहयोग करेगा।
-सुमेश शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, व्यापार मंडल ऊना।
क्या कहते हैं ढाबा संचालक
यदि किसी उत्पाद का उपयोग हो रहा है तो उसकी जानकारी ग्राहक तक पहुंचना जरूरी है। इससे भरोसा बढ़ेगा।
-राहुल शर्मा, ढाबा संचालक।
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