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    ऊना दुष्कर्म मामला: ...तो क्या एसडीएम और पीड़िता के बीच हो गया समझौता, वकील ने बताई अंदर की बात

    Updated: Sat, 04 Oct 2025 12:28 PM (IST)

    SDM Una Case हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में दुष्कर्म के आरोपी एसडीएम ऊना विश्व मोहन देव चौहान की जमानत याचिका पर सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी। पीड़िता के वकी ...और पढ़ें

    ऊना के एसडीएम दुष्कर्म मामले में हाई कोर्ट ने सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। प्रतीकात्मक फोटो
    ऊना के एसडीएम दुष्कर्म मामले में हाई कोर्ट ने सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. सत्यता जांचने के लिए हाई कोर्ट ने सरकार से तलब की है स्टेटस रिपोर्ट
    2. एसडीएम ऊना को नहीं मिली राहत, जमानत याचिका पर सुनवाई छह को

    विधि संवाददाता, शिमला। SDM Una Case, हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में दुष्कर्म के आरोपित एसडीएम ऊना विश्व मोहन देव चौहान की जमानत याचिका पर सुनवाई छह अक्टूबर को होगी। सुनवाई के दौरान पीड़िता की तरफ से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि पीड़िता ने आरोपित से समझौता कर लिया है।

    इस तथ्य की सत्यता जांचने के लिए न्यायाधीश राकेश कैंथला ने सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब करते हुए सुनवाई छह अक्टूबर को निर्धारित करने के आदेश दिए। आरोपित को कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है।

    कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई में ही आरोपित को अंतरिम अग्रिम जमानत प्रदान करने से इन्कार कर दिया था। कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर जांच रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए थे।

    वीडियो बनाकर वायरल करने की दी थी धमकी

    कोर्ट ने याचिका में दिए तथ्यों के आधार पर कहा था कि प्राथमिकी में लगाए आरोपों से पता चलता है कि याचिकाकर्ता ने 10 अगस्त 2025 को पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। पीड़िता रोई और याचिकाकर्ता ने उससे शादी का वादा किया। उसने पीड़िता को 20 अगस्त को विश्रामगृह में बुलाया, जहां उसने फिर से उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने घटना का वीडियो बनाया और उसे प्रसारित करने की धमकी दी। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 

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    कोर्ट ने इन सभी आरोपों को देखते हुए कहा था कि प्रथम दृष्टया में पीड़िता द्वारा लगाए आरोपों पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला दिया था जिसमें यह निर्धारित किया है कि दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तारी से पहले जमानत नहीं दी जानी चाहिए। इसलिए कोर्ट ने कहा था कि प्रार्थी को गिरफ्तारी से पहले अंतरिम जमानत देने के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं है।

    एसडीएम ऑफिस में जबरन संबंध बनाने का है आरोप

    एक युवती ने एसडीएम विश्व मोहन देव चौहान पर गंभीर आरोप लगाए थे। युवती ने बताया था कि विश्व मोहन देव चौहान से उसकी बातचीत इंटरनेट मीडिया के जरिये हुई थी। इस दौरान एसडीएम ने उसे अपने दफ्तर मिलने बुलाया था और बाद में कोर्ट चैंबर में जबरन संबंध बनाए।

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