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Hockey World Cup: बेल्जियम को धूल चटाकर सम्मान बचाने उतरेगी टीम इंडिया, हरमनप्रीत एंड कंपनी का आखिरी इम्तिहान

Published: Thu, 27 Aug 2026 08:08 PM (GMT+05:30)

पांच दशक बाद विश्व कप में पदक जीतने का सपना टूटने के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम आखिरी मैच में जीत के साथ स्वदेश लौटना चाहेगी।

भारतीय हॉकी टीम।

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पीटीआई, वावरे (बेल्जियम)। पांच दशक बाद विश्व कप में पदक जीतने का सपना टूटने के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम आखिरी मैच में जीत के साथ स्वदेश लौटना चाहेगी। शुक्रवार को होने वाले मुकाबले में भारत के सामने सह मेजबान और मौजूदा प्रो लीग चैंपियन बेल्जियम को उसके मैदान पर हराने की कठिन चुनौती है।

नीदरलैंड्स के एम्सटेलवीन में पहले और दूसरे चरण के मैच खेलने वाली भारतीय टीम पूल ई में चौथे स्थान पर रहने के बाद सातवें/आठवें स्थान का क्लासीफिकेशन मुकाबला खेलने आई है। लेकिन हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम की राह इतनी आसान नहीं है क्योंकि उसके सामने 2018 विश्व कप चैंपियन दुनिया की दूसरे नंबर की टीम है जो टूर्नामेंट शुरू होने से पहले खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी। बेल्जियम भी सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने के झटके से उबरकर आखिरी मैच जीतने का पूरा प्रयास करेगी।

अर्जेंटीना के विरुद्ध दूसरे दौर के आखिरी मैच में हारकर बाहर हुई भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में धीमी शुरुआत और 60 मिनट तक लय बरकरार नहीं रख पाने के लिए आलोचना झेल रही है। भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद बनाए रखने के लिए अर्जेंटीना को बड़े अंतर से हराना था लेकिन 39वें सेकंड में ही गोल गंवाने के बाद बने दबाव से टीम निकल ही नहीं सकी।

 

 

डिफेंस लगातार चरमराता रहा और फारवर्ड पंक्ति में तालमेल का अभाव दिखा जबकि मिडफील्ड में गैप का पूरा फायदा उठाकर अर्जेंटीना ने 5 -3 से जीत दर्ज करके भारत को अंतिम चार की दौड़ से बाहर कर दिया था। भारत ने टूर्नामेंट में 14 गोल किए और 16 गंवाए। विश्व कप में सातवां स्थान हासिल करने के अलावा भारत को अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले मजबूत प्रतिद्वंद्वी को हराकर अपना खोया आत्मविश्वास भी हासिल करना होगा।

विश्व कप में निराशा के बाद अब जापान के आइची नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लास एंजिलिस ओलिंपिक 2028 के लिए सीधे क्वालीफाई करना ही पिछले दो ओलिंपिक की कांस्य पदक विजेता टीम का लक्ष्य होगा। भारत को पेनाल्टी कार्नर में भी विविधता लानी होगी लेकिन कप्तान हरमनप्रीत पर अत्यधिक निर्भरता भारी पड़ रही है।

मिडफील्ड में मनप्रीत सिंह और हार्दिक सिंह को अपने अनुभव का इस्तेमाल करना होगा जो अभी तक नजर नहीं आया है। पेरिस ओलिंपिक चैंपियन नीदरलैंड्स के विरुद्ध भी 40 मिनट तक उम्दा खेल दिखाने के बाद भारत ने आखिरी बीस मिनट में तीन गोल गंवाए और 1 -3 से पराजय का सामना करना पड़ा। पूल चरण में भारत ने पाकिस्तान को 5 -3 से और वेल्स को 3 -1 से हराया था लेकिन इंग्लैंड से 4 -2 से हार गया था।

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