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'अब मन की बात मन में नहीं रहती', सविता पूनिया ने खोला टीम के अंदर का राज; रोती हुई तस्वीर पर भी की बात

Published: Sat, 29 Aug 2026 02:03 PM (IST)

भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पूनिया ने विश्व कप में पांचवें स्थान पर रहने के बाद टीम के ...और पढ़ें

सविता पूनिया ने टीम इंडिया के माहौल पर की बात

सविता पूनिया ने टीम इंडिया के माहौल पर की बात

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पीटीआई, एम्सटेलवीन: पिछले एक दशक से अधिक समय से भारतीय महिला हॉकी में कई उतार चढ़ाव देख चुकी दिग्गज गोलकीपर सविता पूनिया ने विश्व कप में शानदार प्रदर्शन का श्रेय टीम के भीतर बदले हुए माहौल को भी देते हुए कहा कि खिलाड़ियों की आंखों में कुछ कर दिखाने का भाव नजर आता है।

भारत ने अपने से ऊंची रैंकिंग वाली जर्मनी को 3 -1 से हराकर विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल किया जो 1974 के बाद महिला हॉकी टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

मन की बात रखते थे मन में

भारत के लिए सर्वाधिक मैच खेलने के रिकॉर्ड की बराबरी से एक मैच दूर 319 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी सविता ने कहा कि कोच शोर्ड मारिन और सारे नए स्टाफ के आने के बाद हमने यही तय किया था कि मैदान से बाहर आनंद लेना है, हंसना बोलना और बातें करना है। पहले ऐसा नहीं था और मन की बात मन में ही रखते थे, लेकिन आज हर खिलाड़ी काफी खुलकर एक दूसरे से बात करता है। आज मुझे जो भी बोलना है तो टीम से बोल सकती हूं।

उन्होंने कहा कि कोचिंग स्टाफ ने ऐसा माहौल दिया है कि अंदर से फीलिंग आती है कि कुछ कर दिखाना है। यह सभी खिलाड़ियों की आंखों में, वर्कआउट में, अभ्यास में दिखता है।

दिखाया दमदार खेल

पेरिस ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने से चूकी और प्रो लीग से पिछले साल बाहर हुई भारतीय महिला हाकी टीम ने इस साल विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया और एफआइएच नेशंस कप जीतकर प्रो लीग में वापसी करने के बाद विश्व कप में पांचवें स्थान पर रही। भारतीय टीम विश्व कप में सिर्फ एक मैच नीदरलैंड्स से हारी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध दूसरे दौर का आखिरी मैच गोलरहित ड्रॉ रहने पर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई जिसके बाद डगआउट में आंसुओं पर काबू पाने की कोशिश करती सविता की तस्वीर काफी वायरल हुई थी।

इस अनुभवी गोलकीपर ने कहा कि पीछे गोलपोस्ट में खड़ी मैं यही सोच रही थी कि जर्मनी के विरुद्ध जो हॉकी खेली, उसका पचास प्रतिशत भी ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध खेलते तो सेमीफाइनल में होते। उस दिन मैं दुख के कारण रोई थी, लेकिन आज खुशी के आंसू थे। बहुत सारे मैसेज आए कि आपको टीवी पर रोते हुए देखकर अच्छा नहीं लगा। लोगों ने यह भी कहा कि टीम पांचवें स्थान का मैच खेलेगी, यह किसी ने सोचा नहीं था।

टोक्यो ओलिंपिक 2021 में भी पदक के करीब पहुंचकर चूकी इस खिलाड़ी ने कहा कि लेकिन शायद उस झटके से उबरने के लिए मुझे भी समय चाहिए था। मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि उस दिन टीम ने भी मुझे संभाला और कहा कि अगले मैच में देखते हैं कि क्या कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे संभलने में दो घंटे लगे लेकिन उस दिन शाम को हम फिर साथ बैठे और बात की कि अब खोने के लिए कुछ नहीं है और अगर हमें अपनी हॉकी दिखानी है तो सम्मान लेना है तो हर हालत में पांचवें स्थान पर रहते हैं तो दुनिया को लगे कि हम सिर्फ एक मैच हारे हैं और सच में भारतीय हॉकी बेहतर हो रही है।

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