जम्मू-कश्मीर: अखनूर की सड़कों पर भैंसों का 'ट्रैफिक', स्कूल टाइम में रोज लग रहा भयंकर जाम; कब जागेगा प्रशासन?
अखनूर में आवारा भैंसें रोजाना यातायात जाम का कारण बन रही हैं, खासकर स्कूल खुलने और बंद होने के समय। ...और पढ़ें

प्रशासन से इन पशुओं के मालिकों पर कार्रवाई करने की मांग। (फाइल फोटो)
HighLights
अखनूर में आवारा भैंसें बन रही हैं यातायात जाम का कारण।
स्कूल खुलने-बंद होने के समय सड़क पर आते हैं झुंड।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
जागरण संवाददाता, अखनूर। अखनूर कस्बे में आवारा और खुले में छोड़ी जा रही भैंसें अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही हैं। रोजाना स्कूल खुलने और छुट्टी होने के समय भैंसों के झुंड सड़क पर उतर आते हैं। इसके चलते पन्नू चौक से अखनूर तक यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और कई बार जाम की स्थिति पैदा हो जाती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह स्कूलों के समय भैंसों को सड़क की ओर छोड़ दिया जाता है। ये भैंसें बिना किसी देखरेख के बाजार और मुख्य सड़क के बीचों-बीच घूमती हुई दिखाई देती हैं।
खास बात यह है कि इनके साथ अक्सर कोई व्यक्ति नजर नहीं आता। भैंसों के सड़क पर आने का समय भी लगभग रोजाना एक जैसा रहता है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, अभिभावकों, कर्मचारियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
वाहन और भैंसों के झुंड से जाम जैसे हालात
दोपहर में स्कूलों की छुट्टी के समय जब सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ता है, उसी दौरान भैंसों का झुंड वापस लौटता दिखाई देता है। ऐसे में सड़क पर वाहनों और भैंसों के बीच निकलने की होड़ लग जाती है और यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। कई बार भैंसों के वाहनों के बीच से निकलने के दौरान गाड़ियों पर डेंट पड़ने और क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
आवाज उठाई, फिर भी कार्रवाई नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार आवाज उठाई गई है और कई बार अखबारों में समाचार भी प्रकाशित हो चुके हैं और संबंधित विभागों के संज्ञान में मामला लाया गया है। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
लोगों का सवाल है कि आखिर जिम्मेदार विभाग कब जागेगा और सड़क पर खुलेआम घूमने वाले पशुओं को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि स्कूलों के समय मुख्य सड़कों पर भैंसों और अन्य पशुओं के खुलेआम घूमने पर रोक लगाई जाए।
साथ ही पशुओं के मालिकों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि रोजाना पैदा होने वाली जाम और दुर्घटना की स्थिति से लोगों को राहत मिल सके।
