3 दिन, दो राज्य और बदला हुलिया… फिर भी नहीं बच सका अकीब, जम्मू से NCB हिरासत से फरार ड्रग तस्कर पंजाब में गिरफ्तार
एनसीबी हिरासत से फरार कुख्यात ड्रग तस्कर अकीब बशीर को तीन दिन बाद पंजाब में गिरफ्तार कर लिया गया है। ...और पढ़ें

ड्रग तस्कर अकीब बशीर ने पहचान छिपाने के लिए हुलिया बदला था।
HighLights
कुख्यात ड्रग तस्कर अकीब बशीर एनसीबी हिरासत से फरार हुआ।
तीन दिन बाद पंजाब में संयुक्त अभियान से गिरफ्तार किया गया।
हुलिया बदलकर दिल्ली भागने की फिराक में था आरोपित।
जागरण संवाददाता, जम्मू। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की हिरासत से जम्मू में फरार हुआ कुख्यात ड्रग तस्कर अकीब बशीर आखिरकार तीन दिन बाद पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ गया। फरारी के बाद आरोपित ने पुलिस से बचने के लिए अपना हुलिया बदल लिया था। उसने दाढ़ी साफ कर ली और कपड़े बदलकर पहचान छिपाने का प्रयास किया।
इसके बावजूद जम्मू-कश्मीर और पंजाब में लगातार चलाए गए सघन तलाशी एवं ट्रैकिंग अभियान में उसकी लोकेशन को सीमित कर लिया गया।
जम्मू से फरार होने के बाद अकीब बशीर पठानकोट के रास्ते जालंधर पहुंचा। इससे पहले उसने नरवाल फ्रूट मंडी के निकट वन क्षेत्र में अंधेरे की आड़ में छिपकर रात गुजारने और अपनी पहचान से बचने का प्रयास किया। इसके बाद जालंधर में उसने अपने संपर्कों के माध्यम से शरण लेने की कोशिश की।
एनसीबी और पंजाब पुलिस ने मिलकर किया ऑपरेशन
फरारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। एनसीबी जम्मू, अमृतसर और चंडीगढ़ की टीमों के साथ पंजाब पुलिस ने खुफिया सूचनाओं का लगातार आदान-प्रदान किया। जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से भी आरोपित की गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाएं साझा की गईं।
लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर एजेंसियों ने जालंधर और उसके आसपास आरोपित की गतिविधियों को ट्रैक करना शुरू किया। कई संभावित ठिकानों की निगरानी के बाद उसकी लोकेशन को सीमित कर लिया गया।
दिल्ली निकलने से पहले दबोचा
संयुक्त टीमों को जब यह इनपुट मिला कि अकीब बशीर जालंधर से निकलकर दिल्ली अथवा किसी अन्य राज्य में जाने की तैयारी कर रहा है, तो एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी। एनसीबी और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
अकीब के पकड़े जाने के बाद अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि फरारी के दौरान उसे किन लोगों ने शरण दी और उसके भागने में किस-किस ने मदद की। उसके संपर्कों और संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
अंतरराज्यीय समन्वय से मिली कामयाबी
अकीब की गिरफ्तारी को एनसीबी और पुलिस एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण माना जा रहा है। जम्मू-कश्मीर से लेकर पंजाब तक तीन दिनों तक चले अभियान में केंद्रीय एजेंसी और दोनों राज्यों की पुलिस के बीच सूचनाओं का तुरंत आदान-प्रदान किया गया। इसी समन्वित कार्रवाई के चलते आरोपित को दूसरे राज्य में पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया गया।
