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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Amarnath Yatra: बाबा बर्फानी के दीदार को रवाना हुआ नया जत्‍था, अब तक इतने श्रद्धालु कर चुके दर्शन; टूटा पिछले साल का रिकॉर्ड

    By Agency Edited By: Himani Sharma
    Updated: Sun, 14 Jul 2024 10:30 AM (IST)

    Amarnath Yatra 2024 अमरनाथ यात्रा के लिए एक और नया जत्‍था रवाना हुआ है। बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए लोगों में काफी उत्‍साह बना हुआ है। बारिश हो ...और पढ़ें

    अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ श्रद्धालुओं का नया जत्‍था
    अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ श्रद्धालुओं का नया जत्‍था

    HighLights

    1. 52 दिन चलती है अमरनाथ यात्रा
    2. पिछली बार 4.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए थे दर्शन
    3. इस बार श्रद्धालुओं में दिख रहा अलग उत्‍साह

    पीटीआई, जम्मू। Amarnath Yatra 2024: अमरनाथ यात्रियों का एक नया जत्‍था बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुआ। 4,889 श्रद्धालुओं का ग्रुप जम्मू से कश्मीर के पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों के लिए निकला है। तैनात पुलिस अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है।

    यात्रियों ने अपनाए अलग-अलग रास्‍ते

    अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्री कड़ी सुरक्षा के बीच तड़के करीब तीन बजे 187 वाहनों के काफिले में जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुए। 500 ​​महिलाओं और 11 बच्चों सहित 2,993 तीर्थयात्री अपनी यात्रा के लिए 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग को अपनाएंगे। वहीं 1,896 तीर्थयात्रियों ने छोटे लेकिन 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग को चुना है।

    52 दिन चलेगी यात्रा

    इस जत्थे के साथ जम्मू से अमरनाथ यात्रा शुरू करने वालों की संख्या 91,202 है। बाकी तीर्थयात्री सीधे घाटी के आधार शिविरों में पहुंच गए हैं। 52 दिवसीय यात्रा 29 जून को अनंतनाग के पहलगाम और गांदरबल जिलों के बालटाल के दोहरे मार्गों से शुरू हुई।

    यह भी पढ़ें: Amarnath Yatra 2024: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुआ श्रद्धालुओं का 14वां जत्‍था, इन मार्गों पर सुरक्षा कड़ी

    अब तक इतने यात्री कर चुके दर्शन

    अब तक 2.97 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने दक्षिण कश्मीर हिमालय में 3,880 मीटर ऊंचे गुफा मंदिर में दर्शन किए हैं। यात्रा 19 अगस्त को रक्षा बंधन के त्योहार के साथ 'श्रावण पूर्णिमा' पर समाप्त होगी। पिछले साल 4.5 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की थी।

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