जम्मू मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को CM उमर ने दी हरी झंडी, दायरे में आएंगे 351 नए गांव; रोजगार सहित लगेंगे विकास के पंख
जम्मू विकास प्राधिकरण बोर्ड ने संशोधित 'जम्मू मास्टर प्लान-2032' के मसौदे को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह योजना शहर ...और पढ़ें
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जम्मू मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को CM उमर ने दी हरी झंडी। फोटो सोशल मीडिया
HighLights
जम्मू मास्टर प्लान 2032 मसौदे को सैद्धांतिक मंजूरी मिली।
शहर का क्षेत्रफल बढ़कर 777.84 वर्ग किलोमीटर होगा।
बुनियादी ढांचा विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
जागरण संवाददाता, जम्मू। शहर के सुनियोजित विकास और भविष्य की बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) के निदेशक मंडल ने संशोधित 'जम्मू मास्टर प्लान-2032' के मसौदे को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस अहम प्रस्ताव को पारित किया गया। बोर्ड ने इस मसौदे को अंतिम अनुमोदन के लिए आवास एवं शहरी विकास विभाग के माध्यम से कैबिनेट के पास भेजने का निर्णय लिया है। कैबिनेट की अंतिम मुहर लगते ही जम्मू शहर का कुल क्षेत्रफल मौजूदा 652 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 777.84 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा।
इस विस्तार योजना के तहत जम्मू और सांबा जिलों के 125.51 वर्ग किलोमीटर ग्रामीण क्षेत्र को औपचारिक रूप से शहर के दायरे में शामिल किया जाएगा। इसमें मढ़ और मंडला जैसी तहसीलों के सीमावर्ती गांवों सहित कुल 351 राजस्व गांव शामिल हैं, जिनमें जम्मू जिले के 262 और सांबा जिले के 89 गांव शामिल हैं।
वर्ष 2032 तक लगभग 20.50 लाख की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस प्लान में 44.52 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को व्यावसायिक और 14.38 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को औद्योगिक गतिविधियों के लिए आरक्षित रखा गया है।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
मास्टर प्लान लागू होते ही शामिल किए गए ग्रामीण इलाकों में व्यापक स्तर पर बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। इन क्षेत्रों में जलभराव से निपटने के लिए अत्याधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण होगा, साथ ही स्मार्ट स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी निगरानी नेटवर्क और डिजिटल नागरिक सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
मुख्य शहर से निर्बाध संपर्क के लिए नई सड़कों का जाल बिछेगा और सार्वजनिक परिवहन के नए रूट तय किए जाएंगे। सुनियोजित आवासीय कॉलोनियां बसने से रियल एस्टेट सेक्टर को गति मिलेगी और नए व्यावसायिक हब बनने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
राजस्व गांवों की सीमाओं के मिलान, लैंड-यूज जोनिंग की विसंगतियों और संबंधित विभागों के डेटा सत्यापन की जटिलताओं के कारण योजना के अंतिम अनुमोदन में कुछ समय लगा। बोर्ड ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और बीआरएपी एक्शन प्लान के अनुरूप आवश्यक संशोधनों को शामिल करने की अनुमति दे दी है।
पर्यावरण और विरासत संरक्षण से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठे
जेडीए के सीनियर टाउन प्लानर रविंद्र के अनुसार, प्राधिकरण स्तर पर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब केवल कैबिनेट की अंतिम मुहर का इंतजार है, जिसके तुरंत बाद जमीनी स्तर पर विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।
इससे पहले जेडीए के चेयरमैन रूपेश कुमार ने मुख्यमंत्री को प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई संशोधित प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इसमें 15 प्लानिंग जोन, भूमि उपयोग की विभिन्न श्रेणियों के युक्तिकरण, जियो-रेफरेंस्ड मैपिंग और प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मास्टर प्लान के दस्तावेज में शामिल करने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
पर्यावरण और विरासत संरक्षण से जुड़े मुद्दे भी बैठक में प्रमुखता से उठे। तवी नदी के नदी तल और जलधाराओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रस्तावित मास्टर प्लान को अंतिम रूप देते समय सुनियोजित शहरी विकास, कारोबार में सुगमता के लिए सुधार, जनता की चिंताओं का समाधान और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
श्रीनगर मास्टर प्लान पर चर्चा
श्रीनगर के संबंध में टाउन प्लानिंग स्कीम, डल, निगीन और अन्य जल निकायों की सुरक्षा तथा जम्मू-कश्मीर यूनिफाइड बिल्डिंग बायलाज-2021 के अनुरूप योजनाओं को लागू करने पर विचार किया गया। इसके अलावा भूमि उपयोग के जोन और भवन निर्माण की अनुमति से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए सुधारों पर भी चर्चा हुई।
एसडीए के चेयरमैन शबीर हुसैन भट्ट ने प्रस्तावित योजनाओं पर प्रस्तुति दीं।बैठक में प्रस्तावित संशोधनों, आम जनता से मिले सुझावों, नियामकीय आवश्यकताओं और सुनियोजित एवं टिकाऊ शहरी विकास से जुड़े उपायों पर चर्चा हुई।
यह रहे बैठक में मौजूद
बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार, लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा योजना, निगरानी एवं विकास विभाग तथा आवास एवं शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जम्मू और कश्मीर के संभागीय आयुक्त, कानून विभाग के अधिकारी, जम्मू और श्रीनगर के उपायुक्त तथा दोनों नगर निगमों के आयुक्त भी बैठक में शामिल हुए। जम्मू स्थित अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
