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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आतंकियों की घुसपैठ कराने वाले साजिशकर्ता की गुलाम जम्मू कश्मीर में हत्या, रियाज अहमद के सिर के पीछे मारी गेली

By Nidhi VinodiyaEdited By: Nidhi Vinodiya
Published: Fri, 08 Sep 2023 11:04 PM (IST)

राजौरी-पुंछ में आतंकियों की घुसपैठ कराने का साजिशकर्ता रियाज अहमद उर्फ अबु कासिम शुक्रवार को गुलाम जम्मू कश्मीर में एक ...और पढ़ें

आतंकियों की घुसपैठ कराने वाले साजिशकर्ता की गुलाम जम्मू कश्मीर में हत्या
आतंकियों की घुसपैठ कराने वाले साजिशकर्ता की गुलाम जम्मू कश्मीर में हत्या

जम्मू, नवीन नवाज। जम्मू संभाग के राजौरी-पुंछ (Rajouri and Punch) जिलों में आतंकियों की घुसपैठ कराने का साजिशकर्ता रियाज अहमद उर्फ अबु कासिम शुक्रवार को गुलाम जम्मू कश्मीर में एक मस्जिद में हुए हमले में मारा गया। लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) के प्रमुख लांचिंग कमांडरों में शामिल रियाज गुलाम जम्मू कश्मीर में सक्रिय एक राजनीतिक संगठन जम्मू कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट के प्रमुख नेताओं में गिना जाता था।

उसकी हत्या से गुलाम जम्मू कश्मीर और पाकिस्तान में बैठे कश्मीरी आतंकी कमांडर खौफ में हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है।

हत्या की यह इस वर्ष पांचवी घटना

कुछ आतंकी कमांडरों ने आइएसआइ के सुरक्षा कवच को भी नकार दिया है। क्योंकि रियाज की हत्या के लिए आतंकी कमांडर आइएसआइ को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। आतंकी हिंसा से जुड़े किसी नामी कमांडर की अफगानिस्तान, पाकिस्तान या फिर गुलाम जम्मू कश्मीर में हत्या की यह इस वर्ष पांचवी घटना है।

सूत्रों के मुताबिक, रियाज जिस राजनीतिक संगठन से जुड़ा है, वह गुलाम जम्मू कश्मीर में हो रहे पाक विरोधी प्रदर्शनों में अहम भूमिका निभा रहा है। रियाज मूलत: जिला राजौरी का है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां उसके पैतृक पते पर स्पष्ट नहीं है, लेकिन उनके मुताबिक, उसका परिवार पुंछ के सुरनकोट का रहने वाला है।

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मस्जिद में मारी गोली

रियाज का परिवार जम्मू कश्मीर में आतंकी हिंसा शुरू होने के कुछ समय बाद ही गुलाम जम्मू कश्मीर भाग गया था। उसका बड़ा भाई और पिता मोहम्मद अजीम हिजबुल मुजाहिदीन, अल बदर और लश्कर के लिए गाइड का काम करते रहे हैं। उन्होंने राजौरी-पुंछ में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया है। दोनों मारे जा चुके हैं। रियाज लश्कर के प्रमुख लांचिंग कमांडरों में एक था। वह आतंकियों का गाइड भी रह चुका है। मौजूदा समय में रियाज गुलाम जम्मू कश्मीर के रावलाकोट में परिवार संग रह रहा था। रियाज की हत्या रावलाकोट में शुक्रवार को साढ़े पांच बजे उस समय हुई जब वह मस्जिद में था।

पीछे आइएसआइ के हाथ से इनकार नहीं किया जा सकता

हमलावरों ने उसके सिर पर पीछे से गोली दागी।राजनीतिक संगठनों और आतंकी कमांडरों में मतभेद : सूत्रों ने बताया कि रियाज की हत्या गुलाम जम्मू कश्मीर में कश्मीर की आजादी के नारे के नाम पर सक्रिय राजनीतिक संगठनों, जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के स्थानीय नेताओं और आतंकी कमांडरों के बीच मतभेदों का प्रणाम है।

बीते दिनों राजौरी-पुंछ में आतंकियों की घुसपैठ व हथियारों की तस्करी के प्रयास नाकाम होने के बाद रियाज आइएसआइ के निशाने पर आ गया था। क्योंकि वह राजौरी-पुंछ में आतंकियों की सुरक्षित घुसपैठ की जिम्मेदारी संभाल रहा था। इसलिए उसकी हत्या के पीछे आइएसआइ के हाथ से इनकार नहीं किया जा सकता।

आतंकी कमांडरों को पाक सेना ने सेफ हाउस में भेज दिया

पाक और गुलाम जम्मू कश्मीर में बैठे कई कश्मीरी आतंकी कमांडरों ने अपने साथियों की मौत के लिए पाक सेना और आईएसआई को परोक्ष रूप से जिम्मेदार ठहराया है। कई आतंकी कमांडरों को पाक सेना ने सेफ हाउस में भेज दिया है। कइयों के घरों व कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ाई है। कई आतंकी कमांडरों ने अपनी और परिवार की निजी सुरक्षा के लिए ने अपने संगठन के आतंकियों को तैनात किया है।