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जीवनशैली में बदलाव से कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित कर हृदय स्वास्थ्य में सुधार लाएं, जानिए कैसे

By Rohit Jandiyal Edited By: Rahul Sharma
Published: Mon, 09 Feb 2026 01:08 PM (IST)

जीवनशैली में बदलाव जैसे वजन कम करना, धूम्रपान छोड़ना और नियमित व्यायाम कोलेस्ट्रॉल के स्तर और हृदय स्वास्थ्य में सुधार ...और पढ़ें

संतुलित आहार, व्यायाम और धूम्रपान से दूरी से कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करें।

संतुलित आहार, व्यायाम और धूम्रपान से दूरी से कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करें।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। लगातार बदली जीवनशैली के कारण लोग कई प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे हैं। इनमें कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी आम है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार वजन घटाने और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव करने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखा जा सकता है।

अध्ययनों से पता चला है कि वजन कम करने से शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स और एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) का स्तर घटता है, जबकि एचडीएल (अच्छा कोलेस्ट्राल) बढ़ता है।

जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता की ओर से जारी सलाह में कहा गया है कि शरीर का लगभग हर तीन किलोग्राम वजन घटाने पर कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सकारात्मक अंतर देखने को मिलता है। इसके अलावा धूम्रपान छोड़ने से अच्छे कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल में करीब 10 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।

नियमित एरोबिक व्यायाम को अपनाने से भी हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है। व्यायाम करने के शुरुआती महीनों में ही एचडीएल कोलेस्ट्रॉल में लगभग पांच प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव है। विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और धूम्रपान से दूरी बनाकर न केवल कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है, बल्कि हृदय रोगों के जोखिम को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।

कैसे बनता है कोलेस्ट्रॉल

काेलेस्ट्राल को वसायुक्त खाद्य पदाथों से जोड़ते हैं लेकिन लीवर हमारेे रक्त में प्रवाहित होने वाले 75 प्रतिशत काेलेस्ट्राल का निर्माण करता है। शेष 25 प्रतिशत भोजन से आता है। सामान्य स्तर पर काेलेस्ट्राल वास्तव में कोशिकाओं को अपना काम करने में मदद करता है।

चार प्रकार का कोलेस्ट्रॉल

एलडीएल को खराब कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है। यह काेलेस्ट्राल को लीवर से कोशिकाओं में ले जाता है और अतिरिक्त एलडीएल धमनी की दीवारों में प्लाक के रूप में जम जाता है। इससे दिल के दौरे और स्ट्रोक होने का खतरा बना रहता है।वहीं एचडीएल अच्छे काेलेस्ट्राल के रूप में जाने जाने वाला एक सफाई कर्मी के रूप में काम करता है।

यह अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल विशेषरूप से एलडीएल को उठाता है और इसे निपटान के लिए वापस लीवर में ले जाता है।यह हृदय रोग से बचाता है। ट्राइग्लसिराइडस रक्त में वसा का एक प्रकार जो आपके आहार से अतिरिक्त ऊर्जा संग्रहित करता है। उच्च स्तर विशेष रूप से कम एचडीएल या उच्च एचडीएल स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ाते हैं। वीएलडीएल एक अन्य लिपोप्रोटीन जो वसा और कोलेस्ट्रॉल को वहन करता है । स्तर ऊंचा होने पर प्लाक का निर्माण करता है।

उच्च कोलेस्ट्रॉल हानिकारक

उच्च काेलेस्ट्राल किसी भी लक्षण का कारण नहीं बनता है लेकिन यह शरीर के भीतर गहराई तक नुकसान पहुंचाता है।समय के साथ बहुत अधिक कोलेस्ट्रॉल धमनियों के अंदर प्लाक का निर्माण करता है। एथेरोस्केलेरोसिस के रूप में जाने जाने वाली यह स्थिति रक्त प्रवाह के लिए उपलब्ध स्थान को सीमित कर देती है और हृदय रोग को ट्रिगर करती है।

कोलेस्ट्रॉल परीक्षण

यह एक साधारण रक्त परीक्षण के साथ किया जाता है जिसे फास्टिंग लिपोप्रोटीन प्रोफाइल के रूप में जाना जाता है। यह कोलेस्ट्रॉल के विभिन्न् रूपों को मापता है जो 9 से 12 घंटों तक खाने से परहेज करने के बाद रक्त में घूम रहे हैं।परिणाम आपके अच्छे कोलेस्ट्रॉल, खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लसिराइडस के रूप में आते हैं।

उच्च कोलेस्ट्रॉल के कारण

संतृप्त वसा और काेलेस्ट्राल से भरपूर भोजन, उच्च कोलेस्ट्रॉल का पारिवारिक इतिहास और अधिक वजन या मोटापा होना

खराब वसा: पशु उत्पादों और ट्रापिकल आयल से प्राप्त वसा आपकेे एलडीएल काेलेस्ट्राल को बढ़ाती है। ट्रांस फैट दोहरा प्रभाव डालते हैं। यह खराब काेलेस्ट्राल को बढ़ाते हैं जबकि अच्छे कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं। यह पके हुए सामान, तलेे हुए पदार्थ और कुकीज में पाए जाते हैं जबकि अच्छी वसा अन्य स्वस्थ आहार परिवर्तनों के साथ संयुक्त होने पर अंसतृप्त वसा एलडीएल को कम कर सकती है।

अधिक फाइवर खाएं

आहार परिवर्तन उच्च्च कोलेस्ट्रॉल सेे लड़ने का सशक्त माध्यम हैं।फाइबर युक्त अनाज हृदय स्वास्थ्य को बेहतर करते   हैं। कई खाद्य पदाथों में पाए जाने वाला घुलनशील फाइवर एलडीएल खराब काेलेस्ट्राल को कम करने का काम करता है।घुलनशील फाइबर के अच्छे स्रोतों में साबुत अनाज की ब्रेड और अनाज दलिया, फल, सुखे मेवे, सब्जियां और राजमां की फलियां शामिल हैं।

मांस औरा पूर्ण वसा वाले दूध में प्रचूर मात्रा में प्रोटीन होता है।लेकिन वे काेलेस्ट्राल के भी प्रमुख स्रोत हैं।भोजन में टोफु जैसे सोया प्रोटीन पर स्विच करके एलडीएल काेलेस्ट्राल को कम करने में सक्षम हो सकते हैं। मछली एक और बढिया विकल्प है। यह ओमेगा-3 फैबटी एसिड से भरपूर है।यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है।

उच्च कोलेस्ट्रॉल के जोखिम

उच्च कोलेस्ट्रॉल एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो आहार, आनुवंशिक कारणों और पारिवारिक इतिहास से जुड़ी हो सकती है। कुछ लोगों को ऐसे जीन विरासत में मिलते हैं, जिनके कारण शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। महिलाओं के संदर्भ में विशेषज्ञों का कहना है कि 55 वर्ष की आयु के बाद हार्मोनल बदलावों के कारण महिलाओं में उच्च कोलेस्ट्रॉल का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। रजोनिवृत्ति के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर गिरने से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

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